विकास सेक्टर
समाजसेवी संस्थाओं में नेतृत्व बदलने की प्रक्रिया क्या और कैसी होनी चाहिए?
सहज नेतृत्व परिवर्तन एक संभव लेकिन कठिन काम है, संगठनात्मक परिवर्तन की प्रक्रिया से जुड़े कुछ सुझाव यहां दिए जा रहे हैं जो इसे सरल बनाते हैं।पुरुषों से महिलाओं के साथ हिंसा न करने की मांग करना भर काफी नहीं है
लैंगिक समानता और महिलाओं के साथ हिंसा रोकने वाले कार्यक्रमों में पुरुषों के लिए संवाद की गुंजाइश बनाने की जरूरत है।समाजसेवी संस्थाएं फंडरेजिंग की रणनीति कैसे बनाएं?
शोध, नेटवर्किंग, लीडरशिप और टीम तैयार करने से जुड़े ये नौ सुझाव अपनाकर समाजसेवी संस्थाएं बेहतर फंडरेजिंग हासिल कर सकती हैं।मनरेगा के बारे में वह सबकुछ जो आपको जानना चाहिए
मनरेगा योजना से महिला और प्रवासी मज़दूरों को क्या लाभ मिल रहे हैं और तमाम राज्यों में इसका प्रदर्शन कैसा है?गढ़चिरौली की एक युवा-आदिवासी सरपंच जो न नक्सलियों से डरती है, न पुलिस से
एक युवा-आदिवासी महिला सरपंच के जीवन का एक दिन जो अपने समुदाय को कागजी कार्रवाई करने से लेकर आपात परिस्थितियों में मदद पहुंचाने तक का काम करती है।आशा कार्यकर्ता: जब अनिवार्य हैं तो औपचारिक क्यों नहीं?
आशा कार्यकर्ता सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसके बावजूद, वे लंबे घंटों, कम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की कमी के रूप में अनिश्चित कार्य स्थितियों का अनुभव करते हैं।भारत को और अधिक युवा उद्यमियों की जरूरत है
अधिकार और नियंत्रण का अभाव और असफलता का डर भारतीय युवाओं को उद्यमी बनने से रोक रहा है जिसे बदले जाने की जरूरत है।घुमंतू और विमुक्त जनजातियों के मानसिक न्याय के लिए मानसिक स्वास्थ्य ज़रूरी है
घुमंतू और विमुक्त जनजातियां भेदभाव, अन्याय और विकास योजनाओं के अभाव का सामना करती हैं। इन समुदायों के मानसिक स्वास्थ्य को इनके संघर्ष से अलग करके नहीं देखा जा सकता है।भारत में कामकाजी महिलाएं क्या और क्यों चाहती हैं?
एफएसजी का एक अध्ययन रोज़गार के प्रति महिलाओं के नज़रिए और प्राथमिकता को दिखाता है और श्रमबल में उनकी भागीदारी में परिवार और समाज की भूमिका पर बात करता है।समाजसेवी संगठन वॉलंटीयरिंग का सही इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?
यदि वॉलंटीयरिंग सही ढंग से की जाए तो यह समाजसेवी संगठन और स्वयंसेवकों दोनों के लिए फ़ायदेमंद होता है, इसकी शुरूआत से जुड़े कुछ सुझाव।सामाजिक व्यवहार परिवर्तन में रीति-रिवाज एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं
पारंपरिक प्रथाओं और रीति-रिवाजों को अक्सर आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान और बायोमेडिकल सुझावों से उलट अंधविश्वास की तरह देखा जाता है, लेकिन ऐसा करना सही नहीं।समाजसेवी संगठन खुदरा फंडरेज़िंग की शुरूआत कैसे कर सकते हैं?
रिटेल फंडरेज़िंग से न केवल सीएसआर और एचएनआई फ़ंडिंग पर स्वयंसेवी संस्थाओं की निर्भरता कम होती है बल्कि दानदाताओं का एक समुदाय बनाने में भी मदद मिलती है।