कैपेसिटी बिल्डिंग
नेतृत्व और प्रतिभा, संचार, फंड की व्यवस्था और तकनीक पर सर्वोत्तम अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिस), सीख और कार्यात्मक सलाह।
देखो, देखो, वो आ गयी!
“वेबसाइट मोबाइल पर क्यों नहीं खुलती?” से शुरू होने वाली इस कहानी का कोई अंत नहीं है। कृपया अपने जोखिम पर लॉग-इन करें।सरल कोश: एंटाइटलमेंट
एंटाइटलमेंट का अर्थ सिर्फ एक शब्द की समझ तक सीमित नहीं है। यह बताता है कि अधिकार कैसे पहचाने जाएं और उन्हें हासिल करने की प्रक्रिया क्या है।सरल कोश: फाइनेंस कमीशन या वित्त आयोग
वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो सरकार को यह सिफारिश करती है कि देश के वित्तीय संसाधनों का राज्यों और स्थानीय सरकारों के बीच किस तरह न्यायसंगत और बेहतर ढंग से वितरण किया जाए।विकास सेक्टर में नेतृत्व परिवर्तन: कब, क्यों और कैसे?
सामाजिक संस्थाओं में नेतृत्व परिवर्तन एक सतत प्रक्रिया है। यह प्रकिया व्यक्ति और संस्था, दोनों के बीच आकार लेती है। नेतृत्व की पहचान के लिए संस्था को बहुत धैर्य और खुले विचारों के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।साल 2025 में हमने जो किताबें पढ़ीं, वे आपको भी क्यों पढ़नी चाहिए?
विकास सेक्टर के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी कुछ किताबें जिन्हें पढ़ना और जिनसे सीखना आपके काम को थोड़ा और बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।संवेदनशील विषयों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को किस तरह के सहयोग की दरकार है?
संवेदनशील विषयों पर काम करने वाली संस्थाओं से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत, पेशेवर और मानसिक स्तरों पर सहयोग और प्रशिक्षण की जरूरत होती है, इनकी पहचान और समाधान से जुड़े कुछ सुझाव।क्या डेटा हमें सही तस्वीर दिखा रहा है?
मानवीय समझ के बजाय डेटा-विज्ञान को प्राथमिकता देने में कौन से जोखिम शामिल हैं?एक समावेशी स्कूल कैसा होना चाहिए?
विकलांगता से प्रभावित बच्चों के लिए अलग-थलग समाधान की नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है ताकि समावेशन संभव हो सके।सरल कोश: इंटरसेक्शनैलिटी
इंटरसेक्शनैलिटी यानी किसी व्यक्ति की पहचान एक नहीं, कई पहलुओं से मिलकर बनती है। विकास सेक्टर में इंटरसेक्शनैलिटी जरूरी है, क्योंकि यह नीतियों और कार्यक्रमों को अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण बनाती है।छोटी संस्थाओं की बड़ी जरूरत: क्यों अहम हैं सरल डिजिटल टूल?
जब संस्थाएं अपनी जरूरतें समझने का प्रयास करती हैं, तो उनके लिए डिजिटल टूल अपनाने की प्रक्रिया अपने आप सहज हो जाती है।सभी राज्यों में काम करने वाले शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम कैसे बनाएं?
सरकारी व्यवस्थाओं के साथ काम करने वाली गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के मानकीकरण और संदर्भीकरण के बीच संतुलन बनाना, हमेशा एक बड़ा सवाल बना रहता है।