आजीविका
डेटा से नहीं, लोगों से सीखना
भारत के ट्रकिंग समुदाय के साथ काम करते हुए हमने जाना कि फील्ड में समय बिताना, भरोसा बनाना और उन समुदायों को समझना कितना अहम है, जो अक्सर औपचारिक आंकड़ों से बाहर रह जाते हैं।क्या वीबी-जी राम जी महिलाओं को नरेगा जैसे मौके दे पायेगा?
दक्षिणी राजस्थान की महिलाओं के लिए नरेगा सिर्फ़ रोज़गार नहीं, बल्कि सशक्तिकरण का माध्यम रहा है। अब वीबी–जी राम जी को लेकर उनका सवाल है कि क्या ये उन्हें नरेगा जैसे अवसर दे पाएगा?वेस्ट एशिया का युद्ध और भारत की कृषि: खाद, ईंधन और खाद्य सुरक्षा की जंग
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर केवल वैश्विक राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की खेती, खाद की उपलब्धता, ऊर्जा लागत और खाद्य सुरक्षा को भी यह प्रभावित कर रहा है।पेंच टाइगर रिज़र्व: फसलों और जानवरों के बीच रोशनी का पहरा
पेंच टाइगर रिज़र्व से सटे छह गांवों में सोलर लाइटें कुछ किसानों के लिए एक नयी उम्मीद बनकर आयी हैं। लेकिन अभी भी कई घर ऐसे हैं, जो बदलाव की बाट जोह रहे हैं।रूढ़ियों को तोड़कर दीवारों को जोड़ती एक महिला ठेकेदार
ईंट, सीमेंट और सरिया के काम को पुरुषों का काम कहा जाता है। जानिए निर्माण स्थल की चुनौतियों, मज़दूरों के समन्वय और रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारियों के बीच एक महिला कान्ट्रैक्टर के अनुभव क्या हैं।पुरुष-प्रधान पेशे में अपनी राह बनाती महिला ऑटो चालक
चेन्नई की दो महिला ऑटो चालक इस पेशे में महिलाओं के सामने आने वाली बाधाओं, और उन चुनौतियों से लड़ने के लिए शुरू की गई अपनी यूनियन की कहानी साझा कर रही हैं।खंडवा की रीठी बाई ने कोदो उगाना क्यों बंद कर दिया?
2016 में रीठी बाई के घर के लोग और मवेशी कोदो खाने से बीमार हो गए। जिसके बाद उन्होंने कोदो उगाना बंद कर दिया। उनके गांव के लोग चाहते हैं कि सरकार उन्हें कोदो के ‘सुरक्षित बीज’ दे ताकि वह इसे फिर से उगा सकें।बदलते मौसम और सिकुड़ती ज़मीन के बीच मामित के झूम किसान
मिज़ोरम के मामित में झूम किसान अनिश्चित मौसम, चूहों के बढ़ते हमलों और बागान खेती के असफल प्रयोग के बीच एक बड़े संकट का सामना कर रहे हैं।