
ऋषभ ललानी
ऋषभ ललानी फंडरेजिंग पर काम करने वाले एक स्वतंत्र रणनीतिकार हैं। उन्होंने विप्रो फाउंडेशन, माइकल एंड सुसन डेल फाउंडेशन, एडलगिव फाउंडेशन, और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से लेकर संगमा, शिक्षार्थ और आगामी जैसे बड़े तथा उच्च-स्तरीय संगठनों के साथ काम किया है। ललानी ने बीते नौ सालों में 80 करोड़ रुपए से अधिक राशि जुटाई है। इसके साथ ही वे अपनी शाला फाउंडेशन के बोर्ड का हिस्सा हैं और क्षेत्र फाउंडेशन फॉर डायलॉग के सलाहकार बोर्ड में भी बतौर सदस्य ज़िम्मेदारियां निभाते हैं।
ऋषभ ललानी के लेख
समाजसेवी संगठन खुदरा फंडरेज़िंग की शुरूआत कैसे कर सकते हैं?
रिटेल फंडरेज़िंग से न केवल सीएसआर और एचएनआई फ़ंडिंग पर स्वयंसेवी संस्थाओं की निर्भरता कम होती है बल्कि दानदाताओं का एक समुदाय बनाने में भी मदद मिलती है।
