लैंगिक विषय
पुरुष-प्रधान पेशे में अपनी राह बनाती महिला ऑटो चालक
चेन्नई की दो महिला ऑटो चालक इस पेशे में महिलाओं के सामने आने वाली बाधाओं, और उन चुनौतियों से लड़ने के लिए शुरू की गई अपनी यूनियन की कहानी साझा कर रही हैं।एक लड़की, जिसने हर हाल में शिक्षा को चुना
कर्नाटक के रायचूर की एक युवा फील्ड कोऑर्डिनेटर के जीवन का एक दिन। उसकी उस यात्रा के साथ, जहां वह कभी स्कूल छोड़ने की कगार पर थी, लेकिन आज अपने साथ-साथ अपने परिवार और समुदाय का सहारा बन चुकी है।महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने की स्थायी राह कैसे खुलेगी?
लैंगिक असमानताएं सामाजिक और संस्थागत ढांचों में गहराई से जड़ें जमाए हैं। अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाली महिलाएं और लड़कियां हर रोज इसका सामना करती हैं।ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक को क्यों निरस्त किया जाना चाहिए
एलजीबीटीक्यूआईए+ कलेक्टिव द्वारा जारी बयान में 2026 के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक की आलोचना की गई है। इस आलोचना में साक्ष्यों की कमी, अपर्याप्त परामर्श, और हाशिए के समुदायों का बहिष्कार जैसे कई कारण शामिल हैं। प्रसव और गरिमा: स्वास्थ्य के नाम पर गर्भवती महिलाओं के साथ हिंसा
ऑब्सट्रेटिक हिंसा या प्रसूति हिंसा, गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसव के दौरान किया जाने वाला अमानवीय व्यवहार है, जो उनकी गरिमा और अधिकारों का खुला उल्लंघन है।हमारे स्कूलों से क्यों नदारद है सावित्रीबाई फुले की कहानी?
क्या हमारे स्कूलों और विश्वविद्यालयों में सावित्रीबाई फुले के कद के मुताबिक उनकी बात की जाती है, उनसे हमारा परिचय बतौर देश की पहली शिक्षिका क्या हमारे स्कूलों और कॉलेजों में करवाया जाता है?‘नारीवादी शिक्षा’ सुनकर आपके मन में क्या आता है?
द थर्ड आई के इस वीडियो के जरिए अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए देशभर के लोगों से जानिए कि वे नारीवादी शिक्षा शब्द को किस तरह देखते और समझते हैं।स्टूडियो और गांव के बीच: एक सामुदायिक आरजे का दिन
इस वीडियो में दिखेगा कि कैसे एक सामुदायिक आरजे स्क्रिप्ट, रिकॉर्डिंग और गांव के बीच अपने दिन को बांटती हैं। यह कहानी सामुदायिक रेडियो कार्यकर्ता के काम को समझने की कोशिश है।‘औरतों का काम’: विकास सेक्टर में लैंगिक भेदभाव दिखता नहीं, तो क्या है नहीं?
कार्यस्थल पर लैंगिक भेदभाव कई बार दिखाई नहीं देता है, इसलिए इसे पहचानना और इस पर बात करना जितना जरूरी है, उतना ही इसके समाधान के लिए ठोस नीतियां बनाना भी।