ईकोसिस्टम डेवलपमेंट
देश के सामाजिक सेक्टर और नागरिक संगठनों पर तार्किक और गहन विश्लेषण जिसमें यह शामिल होता है कि क्या कारगर रहा है, क्या नहीं और किस तरह के बदलावों को जरूरत है।
एक महल हो सपनों का!
ऊपरी सजावट तो ज़बरदस्त है, लेकिन नींव का क्या? क्या आपकी संस्था में भी ऐसा ही हो रहा है?सरल कोश: ईकोसिस्टम क्या होता है और यह क्यों ज़रूरी है?
ईकोसिस्टम हमें किसी मुद्दे को अलग-अलग हिस्सों में देखने के बजाय उसकी पूरी तस्वीर देखने और उन हिस्सों के बीच के आपसी संबंधों को समझने में मदद करता है।पहली बार मैनेजर बनने पर इन बातों का रखें ध्यान
पहली बार मैनेजर बनना केवल पद बदलना नहीं होता। काम, टीम और ज़िम्मेदारियों को देखने का हमारा तरीका भी बदल जाता है। विकास सेक्टर के मैनेजरों के अनुभवों से जानिए, इस बदलाव में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उन्हें कैसे संभालें।“आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपका डर है”
सिविल सोसाइटी में काम करना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन हम सबको खुद से यह सवाल पूछना होगा कि आखिर हम किसके पक्ष में खड़े हैं?फंडर की भाषा समझना चाहते हैं? इन 10 शब्दों से शुरुआत करें
फंडर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली कई बार ऐसी होती है, जिसे समझने के लिए सिर्फ अंग्रेज़ी जानना ही काफी नहीं होता। इन शब्दों का सही अर्थ और अलग-अलग संदर्भों में इनका इस्तेमाल समझना भी ज़रूरी होता है।बिना बड़े बजट के, बड़े संवाद की शुरुआत कैसे करें?
बड़े बजट और तय एजेंडे के बिना भी ऐसा संवाद संभव है, जिसमें हर आवाज़ को बराबर जगह मिले। जानिए, ज़मीनी संगठन कैसे अनकॉन्फ़्रेंस के ज़रिए ऐसा मंच बना सकते हैं।ज़ुल्मतों के दौर में सोशल सेक्टर की चुप्पी
सिविल सोसाइटी की पहचान सिर्फ़ उसके काम से नहीं, बल्कि इस बात से बनती है कि वह मुश्किल समय में किसके साथ खड़ी होती है।ज़मीनी संस्थाएं फंडर से कैपेसिटी बिल्डिंग और संस्थागत विकास पर बातचीत कैसे करें?
क्षमता निर्माण और संगठनात्मक विकास को अक्सर परियोजनाओं से अलग ज़रूरत माना जाता है, जबकि यही किसी संस्था के दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव की बुनियाद हैं। दानदाताओं के साथ संवाद और नेगोशिएशन की रणनीति इस सोच को बदलने में अहम भूमिका निभा सकती है।डेटा से नहीं, लोगों से सीखना
भारत के ट्रकिंग समुदाय के साथ काम करते हुए हमने जाना कि फील्ड में समय बिताना, भरोसा बनाना और उन समुदायों को समझना कितना अहम है, जो अक्सर औपचारिक आंकड़ों से बाहर रह जाते हैं।जून 2026 एफसीआरए संशोधन: नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं के लिए इसके क्या मायने हैं?
गृह मंत्रालय ने एफसीआरए नियमों में संशोधन किया है। जानिए क्या सब बदला है और आपकी संस्था कैसे इन नए नियमों का पालन कर सकती है।