सेक्टर से
क्या क्षेत्रीय भाषाएं क्राउडफंडिंग को ज़्यादा प्रभावी बनाती हैं?
स्थानीय भाषा और संस्कृति को दर्शाने वाले फंडरेजिंग कैंपेन डोनर्स का विश्वास जीतने में बेहतर साबित हो सकते हैं।कड़े श्रम कानून कैसे बनते हैं प्रगति में बाधा?
पुलियाबाजी के इस पॉडकास्ट में जानिए कि श्रम कानूनों में आए बदलाव कौन से जरूरी सवाल उठाते हैं, जिनके जवाब तलाशा जाना महत्वपूर्ण है।आंगनवाड़ी: शिक्षा की नींव या सिर्फ पोषण का केंद्र?
आंगनवाड़ी शुरुआती बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा की आधारशिला है। लेकिन प्रशासनिक और पोषण संबंधी जिम्मेदारियों के दबाव में कार्यकर्ता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और देखभाल पर पूरा ध्यान नहीं दे पाती हैं।सरल कोश: एंटाइटलमेंट
एंटाइटलमेंट का अर्थ सिर्फ एक शब्द की समझ तक सीमित नहीं है। यह बताता है कि अधिकार कैसे पहचाने जाएं और उन्हें हासिल करने की प्रक्रिया क्या है।क्या मनरेगा की खामियों को भर पाएगा वीबी-जी राम जी?
केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा एक अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है। ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?भारत में थैरेपिस्ट प्रशिक्षण में क्वीयर अनुभवों की अनदेखी
क्वीयर-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य सेवा इतनी दुर्लभ क्यों हैं? क्योंकि मनोविज्ञान की शिक्षा में क्वीयर अनुभव अब भी केंद्र में नहीं, हाशिए पर है।हमारे स्कूलों से क्यों नदारद है सावित्रीबाई फुले की कहानी?
क्या हमारे स्कूलों और विश्वविद्यालयों में सावित्रीबाई फुले के कद के मुताबिक उनकी बात की जाती है, उनसे हमारा परिचय बतौर देश की पहली शिक्षिका क्या हमारे स्कूलों और कॉलेजों में करवाया जाता है?कॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित करना जरूरी हो गया है।मनरेगा के बदले लाए गए ‘वीबी-जी राम जी’ विधेयक पर ज्यां द्रेज़ ने क्या कहा?
वीबी-जी राम जी विधेयक पास हो गया, इसे मनरेगा के बदले लाया गया है। विपक्ष ने इसका विरोध किया है, वहीं सरकार ने कहा है कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया होंगे।