सामाजिक न्याय
‘जब सड़कें सूनी हों, तो संसद आवारा हो जाती है’
आंदोलन सिर्फ विरोध नहीं, लोकतंत्र में अपने हक़ की लड़ाई लड़ने, दबाई गई आवाज़ों को बुलंद करने, सत्ता से जवाब मांगने और समाज को बदलने की ताकत हैं।पुलिस सदैव (किसकी) सेवा में?
जेलों में मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे कैदियों के लिए सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि गरिमा, अधिकार और पुनर्वास पर आधारित देखभाल की ज़रूरत है।जेल सुधार: सज़ा नहीं, सोच बदलने की ज़रूरत
भारत में जेल सुधार के प्रयास अलग-अलग खांचों में बंटे हैं। लेकिन रिहाई के बाद पुनर्वास के लिए पैरवी, भरोसेमंद फंडिंग और संवेदनशीलता की ज़रूरत है।पावर मैपिंगः समाज में ताकत और प्रभाव को समझने का एक तरीका
पावर मैपिंग किसी समस्या से जुड़े साझेदारों, व्यवस्थाओं और उनके बीच मौजूद ताकत और प्रभाव के रिश्तों को समझने का एक सहभागी तरीका है।“आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपका डर है”
सिविल सोसाइटी में काम करना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन हम सबको खुद से यह सवाल पूछना होगा कि आखिर हम किसके पक्ष में खड़े हैं?ज़ुल्मतों के दौर में सोशल सेक्टर की चुप्पी
सिविल सोसाइटी की पहचान सिर्फ़ उसके काम से नहीं, बल्कि इस बात से बनती है कि वह मुश्किल समय में किसके साथ खड़ी होती है।विकलांगता पर काम करने वाली संस्थाओं को फंडिंग क्यों नहीं मिलती?
भारत में सीएसआर फंडिंग का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा विकलांगता क्षेत्र तक पहुंचता है। एक नयी रिपोर्ट बता रही कि है कि इस स्थिति को कैसे बदला जा सकता है।दलितों के स्वाभिमान का साहित्य है लोकगाथा सलहेस
राजा सलहेस सिर्फ बिहार या किसी एक जाति विशेष की लोकगाथा का नायक नहीं, बल्कि बहुजन समाज के साझा नायक हैं। सलहेस की लोकगाथा प्रेम, संवेदना, विद्रोह और सामाजिक न्याय की अनूठी अभिव्यक्ति है।मिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी
मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक नई मज़दूरी की कहानी शुरू हुई।कॉमन्स और बाजार के बीच कहां खड़े हैं वन आश्रित समुदाय?
समुदायों की बाज़ार में समान भागीदारी सुनिश्चित करने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ यह तय करना भी जरूरी है कि वन और प्रकृति, बाजार की ताकतों के अधीन न हो जाएं।अंबेडकरवादी गायकों का संघर्ष और नई पहचान
अंबेडकरवादी आंदोलन से जुड़े युवा दलित गायकों का संघर्ष, उनकी आवाज़ और मुख्यधारा द्वारा की जा रही अनदेखी- एक कहानी संगीत, पहचान और समानता की लड़ाई की।