समाजसेवी संस्था
समाजसेवी संगठन वॉलंटीयरिंग का सही इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?
यदि वॉलंटीयरिंग सही ढंग से की जाए तो यह समाजसेवी संगठन और स्वयंसेवकों दोनों के लिए फ़ायदेमंद होता है, इसकी शुरूआत से जुड़े कुछ सुझाव।सामाजिक व्यवहार परिवर्तन में रीति-रिवाज एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं
पारंपरिक प्रथाओं और रीति-रिवाजों को अक्सर आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान और बायोमेडिकल सुझावों से उलट अंधविश्वास की तरह देखा जाता है, लेकिन ऐसा करना सही नहीं।समाजसेवी संगठन खुदरा फंडरेज़िंग की शुरूआत कैसे कर सकते हैं?
रिटेल फंडरेज़िंग से न केवल सीएसआर और एचएनआई फ़ंडिंग पर स्वयंसेवी संस्थाओं की निर्भरता कम होती है बल्कि दानदाताओं का एक समुदाय बनाने में भी मदद मिलती है।भारत और अफ़्रीका में कैसे समाजसेवी संगठन समुदाय संचालित परिवर्तन को बढ़ावा दे रहे हैं
वैश्विक समाजसेवी संस्था, ब्रिजस्पैन द्वारा जारी एक रिपोर्ट का सारांश जिसमें समुदाय संचालित परिवर्तन (कम्युनिटी ड्रिवेन चेंज) के कुछ सफल उदाहरणों पर बात की गई है।सोशल सेक्टर के लिए बढ़िया प्रशासन क्यों ज़रूरी है?
बढ़िया प्रशासन का मतलब केवल नियमों का पालन नहीं होता बल्कि अपने हितधारकों और सहभागियों का भरोसा हासिल करना भी होता है, इसके लिए संगठन इन पांच बातों का ध्यान रख सकते हैं।समाजसेवी संगठन, सरकार के साथ सहजता से काम करने के लिए इन पांच रणनीतियों को अपना सकते हैं
सरकार के साथ काम करने की अपनी चुनौतियां और फ़ायदे हैं। समाजसेवी संगठन कुछ सावधानियां बरतकर, व्यवस्था के साथ अधिक टिकाऊ और प्रभावी भागीदारी तैयार कर सकते हैं।चार तरीके जो फंडरेज़िंग को आसान बनाते हैं
दानकर्ताओं से आर्थिक मदद मिलना मुश्क़िल है लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखकर इसमें आसानी से सफलता हासिल की जा सकती है।घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ लड़ रही एक आदिवासी महिला के जीवन का दिन
खुद घरेलू हिंसा की पीड़िता, ग्रामीण राजस्थान की एक आदिवासी महिला हिंसा का सामना करने वाली अन्य महिलाओं को न्याय और हक़ दिलाने में उनकी मदद कर रही है।जहां चाह वहां राह
वाराणसी के एक छात्र रिलेशनशीप मैनेजर के जीवन का दिन जो ख़ासकर महामारी के दिनों में युवाओं को रोज़गार के लिए कौशल विकास में प्रशिक्षण देती हैं।स्वयंसेवी संस्थाओं को क्यों लगता है कि नया एफसीआरए उनके मौलिक अधिकारों का हनन करता है
अप्रैल 2022 में आए FCRA (एफसीआरए) से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बारे में जानिए और समझिए कि यह स्वयंसेवी संस्थाओं को कैसे प्रभावित करता है।ठीक होने की राह पर
नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों की सहायता करने वाले एक सलाहकार के जीवन का दिन। इस लत को छोड़ने में वह युवाओं की मदद के लिए अपने अनुभवों का इस्तेमाल करते हैं।अपने स्वयंसेवी संस्था को मुश्किलों से दूर रखें
सीएसआर और एफ़सीआरए के नियमों का पालन करते समय स्वयंसेवी संस्थाओं को नौ बातों का ध्यान रखना चाहिए।