जमीनी कार्यकर्ता
सरकारी तंत्र में एआई को कैसे शामिल किया जाए?
सरकारी व्यवस्था में एआई लागू करने के अनुभव से तीन ग़ैर-लाभकारी संस्थाएं बता रही हैं कि एक कारगर समाधान के लिए क्या ज़रूरी है।एक बरसाती पैनलिस्ट की दास्तान
पैनल में बोलने की पूरी तैयारी थी...लेकिन तीन घंटे बारिश में सफर करके पहुंचे, तो दर्शक-दीर्घा हमारे इंतज़ार में थी!क्या मेघालय के स्वास्थ्य आंकड़े पूरी सच्चाई बताते हैं?
मेघालय को ऐसे स्वास्थ्य आंकड़ों की ज़रूरत है, जो उसकी जातीय और भौगोलिक विविधता को सही तरह से दिखाएं। अच्छे डैशबोर्ड समाधान का सिर्फ़ आधा हिस्सा हैं।दावत-ए-नेटवर्किंग!
कॉन्फ्रेंस के लंच में सिर्फ मेनू नहीं, रिश्ते भी परोसे जाते हैं। अपनी नेटवर्किंग को मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपनाइए हमारे कुछ ख़ास नुस्खे!लीक: हमारी सबसे सफल सूचना व्यवस्था
फंडिंग से लेकर सैलरी और एमओयू की शर्तों तक, कुछ सूचनाएं ऐसी होती हैं जो आधिकारिक घोषणा से पहले ही सार्वजनिक संपत्ति बन जाती हैं।गंभीर बीमारी में किसी की देखभाल करने के क्या मायने हैं?
मुंबई में एक काउंसलर और नर्स के जीवन का एक दिन-जहां वे घर-आधारित पैलिएटिव केयर के ज़रिए मरीज़ों और उनके परिवारों को बीमारी, क्षति और अनिश्चितता का सामना गरिमा के साथ करने में सहारा देती हैं।फील्ड में एक बार- कोई तो बताओ कि सोना कहां है?
जब फील्ड के सरप्राइज़ दिन के साथ-साथ रात में भी आपका पीछा न छोड़ें।एक लड़की, जिसने हर हाल में शिक्षा को चुना
कर्नाटक के रायचूर की एक युवा फील्ड कोऑर्डिनेटर के जीवन का एक दिन। उसकी उस यात्रा के साथ, जहां वह कभी स्कूल छोड़ने की कगार पर थी, लेकिन आज अपने साथ-साथ अपने परिवार और समुदाय का सहारा बन चुकी है।फील्ड में एक बार- ये उत्तर किधर है…कोई इसका उत्तर देगा!
क्या हो जब फील्ड में पहुंचे और दिशा तलाशने के लिए कम्पस की जरूरत पड़ जाए