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‘जब सड़कें सूनी हों, तो संसद आवारा हो जाती है’
आंदोलन सिर्फ विरोध नहीं, लोकतंत्र में अपने हक़ की लड़ाई लड़ने, दबाई गई आवाज़ों को बुलंद करने, सत्ता से जवाब मांगने और समाज को बदलने की ताकत हैं।वोटर कार्ड और वोटर लिस्ट में नाम होने की अहमियत
इस वीडियो में हम समझेंगे कि वोटर आईडी कार्ड और वोटर लिस्ट में क्या फर्क है और दोनों का आपस में क्या संबंध है। साथ ही, जानेंगे कि वोटर लिस्ट में नाम होना क्यों जरूरी है, किन वजहों से नाम सूची से हट सकता है और अगर नाम नहीं मिलता, तो उसे दोबारा जुड़वाने के लिए क्या करना चाहिए।आपके लिए लोकतंत्र का मतलब क्या है?
आज जब देशभर में लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं, हमने सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों से पूछा कि उनके लिए लोकतंत्र के क्या मायने हैं?कौन बोला, कौन बोला ?
कानों की गुस्ताख़ियां माफ हों!बुरे आंदोलनकर्ता के स्लोगन
इन दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे आंदोलनों में ऐसे आंदोलनकर्ता भी दिखते हैं, जिनका राह चलते लोग, पुलिस-मीडिया और सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाते हैं। यानी एक तरह के "बुरे आंदोलनकर्ता"।जो लोग दूसरों की मुश्किलें सुनते हैं, उन्हें कौन सुनता है?
बस्तर जैसे संघर्ष प्रभावित इलाकों में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता रोज़ाना हिंसा, विस्थापन, असुरक्षा और समुदाय के दुखों से गुज़रते हैं। ये लोग समुदाय की मुश्किलें सुनते हैं, पर उनकी मानसिक सेहत और भावनात्मक बोझ को कौन समझता है?पुलिस सदैव (किसकी) सेवा में?
जेलों में मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे कैदियों के लिए सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि गरिमा, अधिकार और पुनर्वास पर आधारित देखभाल की ज़रूरत है।एक महल हो सपनों का!
ऊपरी सजावट तो ज़बरदस्त है, लेकिन नींव का क्या? क्या आपकी संस्था में भी ऐसा ही हो रहा है?सरल कोश: ईकोसिस्टम क्या होता है और यह क्यों ज़रूरी है?
ईकोसिस्टम हमें किसी मुद्दे को अलग-अलग हिस्सों में देखने के बजाय उसकी पूरी तस्वीर देखने और उन हिस्सों के बीच के आपसी संबंधों को समझने में मदद करता है।आईडीआर इंटरव्यूज़ | मार्टिन मकवान
दलित अधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवान हमें बताते हैं कि किन लोगों के साथ संवादों और किन अनुभवों ने उनके सामाजिक काम को आकार दिया और सामाजिक न्याय के लिए काम करते हुए उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।पहली बार मैनेजर बनने पर इन बातों का रखें ध्यान
पहली बार मैनेजर बनना केवल पद बदलना नहीं होता। काम, टीम और ज़िम्मेदारियों को देखने का हमारा तरीका भी बदल जाता है। विकास सेक्टर के मैनेजरों के अनुभवों से जानिए, इस बदलाव में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उन्हें कैसे संभालें।तीस्ता: लोककथा से आंदोलन तक बहती एक नदी की कहानी
हाल ही में तीस्ता नदी को बचाने के लिए सिक्किम से पश्चिम बंगाल तक एक मार्च निकाला गया। इसके पीछे दो दशकों से चला आ रहा प्रतिरोध है, जो बांधों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं के खिलाफ आवाज़ उठाता रहा है।