आदिवासी
मेरे पिछले जीवन में याद करने जैसा कुछ नहीं है
तमिलनाडु के एक पूर्व बंधुआ श्रमिक जो अब एक सामुदायिक नेता हैं, अपने एक दिन का हाल बताते हुए समुदाय की स्थिति बेहतर बनाने के प्रयासों का ज़िक्र कर रहे हैं।एफआरए के तहत सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों का दावा कैसे कर सकते हैं?
विभिन्न राज्यों में एफआरए पर काम कर रहे दो जानकारों से जानिए कि आदिवासी समुदायों तक उनके वन अधिकार पहुंचाने की प्रक्रिया और चुनौतियां क्या हैं।