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सुनने की संरचना: समावेशन और हाशिये की आवाज
हाशिए पर धकेले गए समुदाय अक्सर आत्म-संदेह, सामाजिक रूढ़ियों और अकेलेपन से जूझते हैं। उन्हें ऐसे परिवेश की जरूरत है, जहां वे खुलकर अपनी बात रख पायें और उनकी आवाज लगातार सुनी जाए।वर्कशॉप – “आप आईये तो सही!”
संस्थाओं की वर्कशॉप में “हम आएंगे” जितना आम है, उतना ही “नहीं आ पाएंगे” भी।सभी राज्यों में काम करने वाले शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम कैसे बनाएं?
सरकारी व्यवस्थाओं के साथ काम करने वाली गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के मानकीकरण और संदर्भीकरण के बीच संतुलन बनाना, हमेशा एक बड़ा सवाल बना रहता है।‘नारीवादी शिक्षा’ सुनकर आपके मन में क्या आता है?
द थर्ड आई के इस वीडियो के जरिए अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए देशभर के लोगों से जानिए कि वे नारीवादी शिक्षा शब्द को किस तरह देखते और समझते हैं।क्यों विकास सेक्टर को गेम्स की अन्य भूमिकाओं पर विचार करना चाहिए
विकास सेक्टर खेल के अलग-अलग स्वरूपों को सोच-विचार और सीखने के नए माध्यमों के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है।फील्ड विजिट तो होगी लेकिन हवा में नहीं, हिसाब में
विकास सेक्टर में काम करते हुए फील्ड विजिट्स कभी कम नहीं हो सकती हैं लेकिन उनका बजट होता रहता है, इसलिए इस बार संस्थाओं से मुलाकात से ज्यादा सफर के खर्चे की चिंता है।जलवायु संकट से सुरक्षित भविष्य बनाने में समुदाय क्या भूमिका निभा सकते हैं?
जलवायु प्रयासों में अक्सर स्थानीय समुदायों और साझा संसाधनों की भूमिका अनदेखी रह जाती है जबकि इन्हें शामिल करना सामाजिक और न्यायिक नजरिए से जरूरी लगने लगा है।जल-जंगल-जमीन से जुड़ी शब्दावली में क्या-क्या शामिल है?
वन और पर्यावरण से जुड़े अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द, जो भारतीय वन अधिकार और अन्य कानूनों को समझने में मददगार हैं।फंडिंग के पीछे की कहानीः हैलो, हैलो, नमस्ते…
सीएसआर फंडरेजिंग केवल फाइल, रिपोर्ट्स और कॉल नहीं है, यह धैर्य, संवाद और लगातार उम्मीद बनाए रखने की कला है।सरल कोश: कोहोर्ट
इस सरल कोश में कोहोर्ट की शाब्दिक परिभाषा के साथ हम यह भी बताएंगे कि यह शब्द कहां से आया और विकास क्षेत्र में इसका प्रयोग किन संदर्भों में किया जाता है।यमुना खादर में बसे लोगों के जीवन और आजीविका पर कितनी तरह के खतरे हैं?
यमुना खादर में बसने और काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों का जीवन कभी बाढ़, कभी जमीन मालिक तो कभी विकास परियोजनाओं के चलते संकट में दिखता है।जलवायु परिवर्तन फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के जीवन को कैसे प्रभावित करता है?
विकास सेक्टर के जमीनी कार्यकर्ता जलवायु परिवर्तन के असर से अछूते नहीं हैं, यह जीवन के साथ-साथ उनके काम की निरंतरता और प्रभावशीलता को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।