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May 29, 2024
ज़मीनी ज्ञान क्या है और इसका संरक्षण क्यों ज़रूरी है?
ज़मीनी ज्ञान जहां समुदाय को आजीविका और विकास के स्थायी साधन देता है, वहीं अकादमिक ज्ञान से जोड़े जाने पर पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी कई बड़ी समस्याओं के हल भी दे सकता है।
May 28, 2024
क्या केवल प्रमाण पत्र देकर जंगलों को बचाया जा सकता है?
भारत में वन एवं लकड़ी प्रमाणपत्र योजना बहुत ही महंगी है और इससे वनोपज का उचित उत्पादन या बेहतर वन प्रबंधन भी सुनिश्चित नहीं होता है।
by धनपाल गोविंदराजुलु| 9 मिनट लंबा लेख
May 24, 2024
हीरामंडी के बहाने जानिए समाजसेवी संस्थाओं की भावनाएं
विकास सेक्टर में आपको हीरामंडी जितना ही ड्रामा और इमोशन मिलेगा।
May 23, 2024
चूल्हे से एलपीजी तक: एक ज़मीनी कार्यकर्ता जो इस सफ़र को आसान बनाती है
दिल्ली की एक फील्डवर्कर का एक दिन जो भलस्वा कॉलोनी में रहने वाले समुदायों को प्रदूषण से बचने और स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
by रमा| 11 मिनट लंबा लेख
May 22, 2024
सामाजिक संस्थाएं युवाओं का सहयोग कैसे कर सकती हैं?
पर्यावरण और नागरिक समाधान लाने वाले उद्देश्यों से युवाओं को जोड़े रखने के प्रयास करते हुए उनकी बदलती ज़रूरतों के साथ तालमेल रखना महत्वपूर्ण है।
May 15, 2024
भारत के विकलांगता कानून की एक झलक
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 विकलांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा और रोजगार से लेकर स्वास्थ्य तक के अधिकार देता है।
May 1, 2024
देश का श्रमिक-वर्ग दस्तावेजों के मकड़जाल में उलझा क्यों दिखता है?
अपने देश के श्रमिक वर्ग के लिए सामाजिक कल्याण और योजनाओं के लाभ उपलब्ध करवाना तो दूर उन्हें उनके सरकारी पहचान दस्तावेज दिला पाने में भी हम बहुत पीछे हैं।
by रजिका सेठ, राकेश स्वामी| 13 मिनट लंबा लेख
April 25, 2024
सरल-कोश: कम्युनिटी मोबलाइजेशन
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश - विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या।
May 9, 2024
घुमंतू जनजातियां शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित क्यों हैं?
सामाजिक कल्याण योजनाएं बनाते हुए अक्सर खानाबदोश और अधिसूचित जनजातियों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है जिसे बदले जाने की ज़रूरत है।
by दीपा पवार| 6 मिनट लंबा लेख
May 10, 2024
एक किस्सा सफलता की कहानियों का
सामाजिक सेक्टर में काम करते हुए अक्सर सफलता की कहानियों को इकट्ठा करने पर बहुत ज़ोर दिया जाता है, इससे जुड़े कुछ किस्से आप यहां देख सकते हैं।
by राकेश स्वामी, रजिका सेठ| 2 मिनट लंबा लेख
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