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यौन पहचान, स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़े 50 शब्द
यौन और प्रजनन स्वास्थ्य तथा अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से संबंधित 50 शब्द, जो भारतीय और दक्षिण एशियाई संदर्भ के लिए प्रासंगिक हैं, नीचे दिए गए हैं।रिपोर्ट लिखने के दौरान आने वाली कठिनाइयां
पंचायत सीरीज के नज़रिए से जानिए कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जब रिपोर्ट लिखने की बात आती है।भारतीय संविधान के बनने की शुरुआत कैसे हुई?
नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया के इस पॉडकास्ट में सुनें भारतीय संविधान सभा के बनने, उसके सदस्यों के चुने जाने और उस दौर की परिस्थितियों के बारे में।एक बार जब… स्कूल में एक अफ़वाह उड़ी
और, उस अफ़वाह को सुनकर स्कूल में जो हुआ, वो बहुत मज़ेदार था।आदिवासी महिलाओं के साथ काम करने वाली संस्थाएं, इन पांच आंकड़ों पर ध्यान दें
प्रदान द्वारा जारी आदिवासी आजीविका रिपोर्ट के महिलाओं से जुड़े कुछ आंकड़े जो शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्णय क्षमता जैसे विषयों पर उनकी स्थिति का पता देते हैं।आर्थिक विकास के साथ ग्रामीण मज़दूरों की आय क्यों नहीं बढ़ रही है?
अर्थशास्त्री आश्चर्य जताने लगे हैं कि भारत के अलावा दुनिया में कोई और देश नहीं जहां आर्थिक विकास होने के बावजूद दस सालों से ग्रामीण मज़दूरी ठहरी हुई हो।यह आपकी अंतरात्मा की आवाज़ है… शायद?
आमतौर पर विकास सेक्टर में काम करने वाले विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते हैं, लेकिन ऐसे में उनकी अंतरात्मा क्या कहती है, यहां जानिए।फील्ड सर्वेक्षण को बेहतर करने के कुछ तरीके | भाग-एक
फील्ड सर्वेक्षण से जुड़े कुछ ऐसे तरीके जो न केवल आपको फील्ड में मदद करेंगे बल्कि ये आपके सर्वे की गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।ज़मीनी ज्ञान क्या है और इसका संरक्षण क्यों ज़रूरी है?
ज़मीनी ज्ञान जहां समुदाय को आजीविका और विकास के स्थायी साधन देता है, वहीं अकादमिक ज्ञान से जोड़े जाने पर पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी कई बड़ी समस्याओं के हल भी दे सकता है।क्या केवल प्रमाण पत्र देकर जंगलों को बचाया जा सकता है?
भारत में वन एवं लकड़ी प्रमाणपत्र योजना बहुत ही महंगी है और इससे वनोपज का उचित उत्पादन या बेहतर वन प्रबंधन भी सुनिश्चित नहीं होता है।हीरामंडी के बहाने जानिए समाजसेवी संस्थाओं की भावनाएं
विकास सेक्टर में आपको हीरामंडी जितना ही ड्रामा और इमोशन मिलेगा।