
हल्का-फुल्का
बड़े आंदोलनों की बड़ी बातें
आज सामाजिक आंदोलन चलाने के लिए सबसे जरूर उपकरण सोशल मीडिया है लेकिन उससे भी ज़रूरी क्या है?युवाओं पर उम्मीदों का इतना-कितना बोझ?
परिवार, समाज और बाजार से लेकर सरकारों तक को युवाओं से उम्मीद है लेकिन युवा किससे उम्मीद करें?सड़क कब और क्यों बनती है?
सालों पुराने सवाल का जवाब, शायद ही कोई जानता है।आपकी फंडरेजिंग पिच के लिए नवजोत सिंह सिद्धू की कमेंट्री
क्योंकि हर फंडर मीटिंग, विश्व कप फाइनल जैसी महसूस होती है।जब आप वर्कशॉप में जाते हैं…
कभी आप वर्कशॉप में जाते हैं और कभी आपको जाना पड़ता है, दोनों ही सूरतों में आपके मन का हाल।विकास सेक्टर में आपका जीवन
पंचायत वेबसीरीज की नज़र से समझिए।रिपोर्ट लिखने के दौरान आने वाली कठिनाइयां
पंचायत सीरीज के नज़रिए से जानिए कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जब रिपोर्ट लिखने की बात आती है।एक बार जब… स्कूल में एक अफ़वाह उड़ी
और, उस अफ़वाह को सुनकर स्कूल में जो हुआ, वो बहुत मज़ेदार था।यह आपकी अंतरात्मा की आवाज़ है… शायद?
आमतौर पर विकास सेक्टर में काम करने वाले विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते हैं, लेकिन ऐसे में उनकी अंतरात्मा क्या कहती है, यहां जानिए।हीरामंडी के बहाने जानिए समाजसेवी संस्थाओं की भावनाएं
विकास सेक्टर में आपको हीरामंडी जितना ही ड्रामा और इमोशन मिलेगा।अप्रेजल पर बातचीत के दौरान आपकी ईमानदार प्रतिक्रियाएं
काश! इस बातचीत में आप वो सब कुछ कह पाते जो वास्तव में आपके मन में था।एक किस्सा सफलता की कहानियों का
सामाजिक सेक्टर में काम करते हुए अक्सर सफलता की कहानियों को इकट्ठा करने पर बहुत ज़ोर दिया जाता है, इससे जुड़े कुछ किस्से आप यहां देख सकते हैं।