
हल्का-फुल्का
जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है, उन किसानों को क्या मिलता है?
किसानों और मेहनतकशों को लेकर मीडिया की नज़र।पर्यावरण संरक्षण के ईमानदार प्रयास?
कॉर्पोरेट कंपनियों की सी एस आर नीतियों में पर्यावरण की चिंता।बजट के बादल, हम पर जाने कब बरसेंगे?
विकास सेक्टर को भी बजट से उम्मीद थी कि वो बरसे तो कुछ बात आगे बढ़े।सुनने में अच्छा लगा लेकिन समझ कुछ नहीं आया!
विकास सेक्टर के भारी-भरकम शब्दों (जॉर्गन) के साथ ज़मीनी कार्यकर्ताओं के अनुभव।विकास सेक्टर का सालाना राशिफल: भाग 2
अगर इस राशिफल में बताई गई कोई भी बात साल 2024 में आपके लिए सच साबित होती है, उसे केवल एक अनचाहा संयोग माना जाएगा।विकास सेक्टर का सालाना राशिफल: भाग 1
अगर इस राशिफल में बताई गई कोई भी बात साल 2024 में आपके लिए सच साबित होती है, उसे केवल एक अनचाहा संयोग माना जाएगा।‘इम्पैक्ट पर जोर नहीं, कैसे दिखाएं डेटा ग़ालिब’
चचा ग़ालिब से माफ़ी समेत, उनकी शायरी से समझिए डेवलपमेंट सेक्टर के कुछ शब्द।एनजीओ में काम करने वालों का… दरद ना जाने कोय
विकास सेक्टर में काम करने वालों को लेकर परिवार, समाज और बाक़ी लोगों की सोच और उनके सच में कितना अंतर होता है।क्या है एक रिर्सचर का काम
सीमित फंडिग का क्या हैं परिणाम, समस्याओं की पहचान या समस्याओं का आविष्कार?दर्द-ए-डेडलाइन
शाहरुख़ खान के दिलचस्प जिफ्स, उन तमाम डेडलाइन्स के लिए जिन्हें आप चूक चुके हैं।समझदार वोटर को पता है कि नेताओं से कब काम करवाना है
राजनीतिक पार्टियों के बदलते रंग-ढंग देखकर अब वोटर ज़्यादा समझदार होते जा रहे हैं।घर से काम करने में कई सुविधाएं हैं, लेकिन उसकी अपनी दुविधाएं हैं
वर्क फ़्रॉम होम में अक्सर दिखने वाले वे दृश्य जिनका हिस्सा आप नहीं बनना चाहेंगे।