हल्का-फुल्का

जब कहने वाले हों हजार, तब चाहिए मन की शक्ति अपार

युवाओं को जब अपना करियर चुनना होता है तो कई बार उनसे ज़्यादा समाज की चलती है।
आप और समाज-ज़मीनी कार्यकर्ता

1. समाज के वो चार लोग जो आपको चांद पर चढ़ाते हैं

मम्मी पापा से बात करते हुए बच्चा _ज़मीनी कार्यकर्ता

2. उसी जोश-जोश में जब आप अपना प्लान सुनाते हैं

मम्मी पापा का रिएक्शन_ज़मीनी कार्यकर्ता

3. और, फिर आता है उनका फाइनल स्वीप और आप धड़ाम!

आप धड़ाम_ज़मीनी कार्यकर्ता

लेखक के बारे में

  • राकेश स्वामी आईडीआर में सह-संपादकीय भूमिका मे हैं। वह राजस्थान से जुड़े लेखन सामग्री पर जोर देते हैं। राकेश के पास राजस्थान सरकार के नेतृत्व मे समुदाय के साथ कार्य करने का एवं अकाउंटेबलिटी इनिशिएटिव, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च मे लेखन एवं क्षमता निर्माण का भी अनुभव है। राकेश ने आरटीयू यूनिवर्सिटी, कोटा से सिविल अभियांत्रिकी में स्नातक किया है।