
एडवोकेट ज्योति खांडपासोले दिशा फॉर विक्टिम संस्था की संस्थापक हैं। उनकी संस्था महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में पीड़ितों को मनो-सामाजिक और कानूनी सहायता प्रदान करती है। अपने कार्यक्रमों और प्रयासों के जरिए उन्होंने महाराष्ट्र की पीड़ित मुआवजा योजना को मजबूत बनाने में योगदान दिया है। इसी मामले में दायर उनकी जनहित याचिका (ज्योति प्रवीन खांडपासोले बनाम भारत संघ) पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला दिया, जिसके तहत अब सभी ट्रायल कोर्ट्स को अपने अंतिम आदेशों में पीड़ित मुआवजे का उल्लेख करना अनिवार्य है।