अपने गांवों के मुद्दे फिल्माती ये लड़कियां
राजस्थान के अजमेर जिले के ग्रामीण इलाकों की कुछ लड़कियां आज कैमरे के ज़रिए अपने गांव की कहानियां और मुद्दे सामने ला रही हैं। लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं था। शुरुआत में उनके काम को लेकर उनके परिवार और गांव के लोगों ने सवाल उठाए। आज भी आमतौर पर कैमरा चलाना और फिल्म बनाना लड़कियों का काम नहीं माना जाता है।
इन चुनौतियों के बावजूद, इन लड़कियों ने न सिर्फ फिल्म बनाना सीखा, बल्कि अपने ही गांव में जाकर सामाजिक मुद्दों पर वीडियो बनाना भी शुरू किया। अपने ही लोगों के बीच कैमरा लेकर खड़ा होना, उनसे सवाल करना और उनकी कहानियां रिकॉर्ड करना, यह अनुभव उनके लिए जितना नया था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।
समय के साथ, उनके काम ने असर दिखाना शुरू किया। उनके काम को लेकर उनके परिवारों का नज़रिया तो बदला ही, गांव के बाकी लोग भी उनके प्रयासों को समझने और सराहने लगे। आज उनकी बनाई फिल्में स्थानीय स्तर पर दिखाई जा रही हैं और इनसे उनके गांव के मुद्दों पर बातचीत की शुरुआत हो रही है।
संतरा चौरठिया, मंजू रावत और शीला बैरवा महिला जन अधिकार समिति से जुड़ी हुई हैं।
*वीडियो में दिखाए गए सभी दृश्य महिला जन अधिकार समिति से जुड़ी महिलाओं और इन लड़कियों द्वारा फिल्माए गए हैं।
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लेखक के बारे में
- संतरा चौरठिया राजस्थान के अजमेर जिले से हैं और महिला जन अधिकार समिति में प्रोग्राम मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। वे पिछले दो वर्षों से संस्था के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़ी हैं और 2021 से एनजीओ क्षेत्र में काम कर रही हैं। उन्होंने द थर्ड आई प्रोजेक्ट, सेफ्टीपिन और चरखा संस्था के साथ फेलोशिप और वर्कशॉप में भाग लिया है। संतरा को डॉक्युमेंट्री फिल्म बनाना और एडिटिंग का अनुभव है, साथ ही वे लेखन में भी सक्रिय हैं।
- शीला बैरवा महिला जन अधिकार समिति के केकड़ी ब्लॉक में टेक फेसिलिटेटर के रूप में कार्यरत हैं। वे किशोरियों और समुदाय को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का काम करती हैं। उन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और ग्रामीण जीवन से जुड़े विषयों में रुचि है, और वे तकनीकी कौशल सीखकर अब दूसरों को भी सिखा रही हैं।
- मंजू रावत अजमेर जिले के निबुकियां की ढाणी गांव से हैं और महिला जन अधिकार समिति में ‘पीयर लर्निंग एंड एक्शन प्रोग्राम’ के तहत फेलो के रूप में कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही वे गांव के सखी सेंटर में सहायक प्रभारी हैं और ‘सृजन, सीख और सिनेमा’ कार्यक्रम से भी जुड़ी हैं।