असमानता

अंबेडकरवादी गायकों का संघर्ष और नई पहचान

अंबेडकरवादी आंदोलन से जुड़े युवा दलित गायकों का संघर्ष, उनकी आवाज़ और मुख्यधारा द्वारा की जा रही अनदेखी- एक कहानी संगीत, पहचान और समानता की लड़ाई की।

अंबेडकरवादी आंदोलन को अपनी आवाज़ के माध्यम से आगे बढ़ा रहे नए कलाकार आज सामाजिक बदलाव के वाहक बन रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया उनके लिए एक बड़ा सहारा साबित हुआ है, लेकिन इस रास्ते में उन्हें कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। मुख्यधारा के संगीत उद्योग में जगह बनाने की कोशिश में उन्हें लगातार अनदेखी और भेदभाव झेलना पड़ता है। इसके बावजूद ये कलाकार अपने गीतों के जरिए पहचान, अधिकार और बराबरी की बात मजबूती से उठाते हैं, और एक नई सांस्कृतिक चेतना को जन्म दे रहे हैं।

यह वीडियो मूलरूप से द मूकनायक यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित हुआ है।

लेखक के बारे में

  • द मूकनायक भारत के वंचित और हाशिए पर स्थित समुदायों के प्रति समर्पित एक मंच है। यह भारतीय संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों के आधार पर कार्य करता है।