समाजसेवी संस्था
शायर कार्यकर्ता का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
शायर कार्यकर्ता से आईडीआर की काल्पनिक बातचीत, जिसका वास्तविक घटनाओं से भरपूर मेल है।बजट और हम: विकास सेक्टर की एक पुरानी कहानी के कुछ नए दृश्य
नए बजट से विकास सेक्टर में काम करने वालों को होने या ना होने वाले कुछ फायदे और नुकसान, जिनका ख्याल हमें आया।सरकार का बजट, संस्थाओं की कैसे मदद कर सकता है?
सरकार का बजट, संस्थाओं के लिए न केवल उसकी नीतियों को जानने का माध्यम है, बल्कि इससे उन्हें अपने कार्यक्रमों की प्लानिंग करने में भी मदद मिल सकती है।बजट 2025: सामाजिक क्षेत्र के लिए सरकार की 4 नई प्राथमिकताएं
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक क्षेत्र पर खर्च कम कर दिया है, जो देश की नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाती है।सरल कोश: आउटरीच
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - आउटरीच।सरल कोश: स्टेकहोल्डर
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - स्टेकहोल्डर।क्यों मेघालय में तिवा जनजाति को नाम से लेकर भाषा तक बदलनी पड़ रही है?
तिवा लोग असम के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में रहते हैं जहां उन्हें अनुसूचित जनजाति माना गया है लेकिन मेघालय में ऐसा नहीं है।फोटो निबंध: अपने श्रम अधिकारों के लिए साकी नाका के श्रमिकों का संघर्ष
मुंबई के कुर्ला में हमाल श्रमिक उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, अब वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।फील्ड कार्यकर्ताओं के लिए रिपोर्टिंग से जुड़ी समस्याओं के कुछ सटीक समाधान
रिपोर्टिंग से जुड़ी समस्याओं के लिए जरूरी है कि फील्ड कार्यकर्ता मैनेजर के साथ चर्चा करके समाधान तैयार करें और संस्थाएं इसके लिए गुंजाइश रखें।देश में शीत लहरों की संख्या क्यों बढ़ रही है?
शोध बताते हैं, जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में साल 1982 से 2020 के बीच शीत लहरों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है और इससे सबसे अधिक प्रभावित उत्तर भारतीय राज्य होते हैं।