समाजसेवी संस्था
समाजसेवी संगठन, सरकार के साथ सहजता से काम करने के लिए इन पांच रणनीतियों को अपना सकते हैं
सरकार के साथ काम करने की अपनी चुनौतियां और फ़ायदे हैं। समाजसेवी संगठन कुछ सावधानियां बरतकर, व्यवस्था के साथ अधिक टिकाऊ और प्रभावी भागीदारी तैयार कर सकते हैं।चार तरीके जो फंडरेज़िंग को आसान बनाते हैं
दानकर्ताओं से आर्थिक मदद मिलना मुश्क़िल है लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखकर इसमें आसानी से सफलता हासिल की जा सकती है।घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ लड़ रही एक आदिवासी महिला के जीवन का दिन
खुद घरेलू हिंसा की पीड़िता, ग्रामीण राजस्थान की एक आदिवासी महिला हिंसा का सामना करने वाली अन्य महिलाओं को न्याय और हक़ दिलाने में उनकी मदद कर रही है।जहां चाह वहां राह
वाराणसी के एक छात्र रिलेशनशीप मैनेजर के जीवन का दिन जो ख़ासकर महामारी के दिनों में युवाओं को रोज़गार के लिए कौशल विकास में प्रशिक्षण देती हैं।स्वयंसेवी संस्थाओं को क्यों लगता है कि नया एफसीआरए उनके मौलिक अधिकारों का हनन करता है
अप्रैल 2022 में आए FCRA (एफसीआरए) से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बारे में जानिए और समझिए कि यह स्वयंसेवी संस्थाओं को कैसे प्रभावित करता है।ठीक होने की राह पर
नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों की सहायता करने वाले एक सलाहकार के जीवन का दिन। इस लत को छोड़ने में वह युवाओं की मदद के लिए अपने अनुभवों का इस्तेमाल करते हैं।अपने स्वयंसेवी संस्था को मुश्किलों से दूर रखें
सीएसआर और एफ़सीआरए के नियमों का पालन करते समय स्वयंसेवी संस्थाओं को नौ बातों का ध्यान रखना चाहिए।