स्वास्थ्य और पोषण
क्या मेघालय के स्वास्थ्य आंकड़े पूरी सच्चाई बताते हैं?
मेघालय को ऐसे स्वास्थ्य आंकड़ों की ज़रूरत है, जो उसकी जातीय और भौगोलिक विविधता को सही तरह से दिखाएं। अच्छे डैशबोर्ड समाधान का सिर्फ़ आधा हिस्सा हैं।पलायन के साये में महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य
झारखंड की ग्राम पंचायत मुखिया पिंकी बारदा बता रही हैं कि पलायन से प्रभावित गांवों में महिलाओं का जीवन किन चुनौतियों, अकेलेपन और आपसी सहारे के बीच गुज़रता है।मेघालय में फुटबॉल से ज़िंदगी के मैदान पर उतरते युवा
शिलांग का यह फुटबॉल क्लब बच्चों को सिर्फ खेल नहीं, ज़िंदगी जीना भी सिखा रहा है। देखिए मेघालय से हमारी यह कहानी।गंभीर बीमारी में किसी की देखभाल करने के क्या मायने हैं?
मुंबई में एक काउंसलर और नर्स के जीवन का एक दिन-जहां वे घर-आधारित पैलिएटिव केयर के ज़रिए मरीज़ों और उनके परिवारों को बीमारी, क्षति और अनिश्चितता का सामना गरिमा के साथ करने में सहारा देती हैं।भारत के शहरों में डायबिटीज़, हाईपरटेंशन और बढ़ती स्वास्थ्य असमानताएं
बढ़ते गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बीच सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अब भी सीमित है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि शहरी अनौपचारिक बस्तियों में स्वास्थ्य समानता के लिए सामुदायिक स्तर पर कार्रवाई ज़रूरी है।प्रसव और गरिमा: स्वास्थ्य के नाम पर गर्भवती महिलाओं के साथ हिंसा
ऑब्सट्रेटिक हिंसा या प्रसूति हिंसा, गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसव के दौरान किया जाने वाला अमानवीय व्यवहार है, जो उनकी गरिमा और अधिकारों का खुला उल्लंघन है।भारत में थैरेपिस्ट प्रशिक्षण में क्वीयर अनुभवों की अनदेखी
क्वीयर-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य सेवा इतनी दुर्लभ क्यों हैं? क्योंकि मनोविज्ञान की शिक्षा में क्वीयर अनुभव अब भी केंद्र में नहीं, हाशिए पर है।तमिलनाडु के उदाहरण से समझिए मातृ मानसिक स्वास्थ्य पर संवाद की जरूरत क्यों है?
तमिलनाडु में बढ़ती गर्मी और प्रदूषण का नई माताओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, लेकिन इससे जुड़े नीतिगत हस्तक्षेपों के प्रयास अभी नजर नहीं आते हैं।संघर्ष से परे: कश्मीर के दर्द और जीवटता की कहानी
कश्मीर में दशकों से अशांति और हिंसा ने एक गहरी मानसिक वेदना को जन्म दिया है। कश्मीरी आवाम इससे कैसे जूझती है और इस दिशा में कौन से कदम उठाये जाने चाहिए?पोषण और स्वास्थ्य की सरकारी नीतियों से बहुत दूर है जमीनी हकीकत
पोषण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसा दृष्टिकोण चाहिए जो समुदाय की पोषण संबंधी जरूरतों और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति तंत्र की दक्षता के बीच संतुलन कायम कर सके।