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लेह का एक इन्वायरमेंटलिस्ट अपने गांव के लोगों को कचरा प्रबंधन के तरीक़े सिखाता है
अर्थशास्त्र में बीए करने वाले इन्वायरमेंटलिस्ट के जीवन का एक दिन जो अपने गांव में कचरा प्रबंधन और इकोटूरिज़्म के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यूट्यूब, इंस्टाग्रैम और एनिमेटेड फ़िल्मों का इस्तेमाल करता है।घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ लड़ रही एक आदिवासी महिला के जीवन का दिन
खुद घरेलू हिंसा की पीड़िता, ग्रामीण राजस्थान की एक आदिवासी महिला हिंसा का सामना करने वाली अन्य महिलाओं को न्याय और हक़ दिलाने में उनकी मदद कर रही है।आईडीआर इंटरव्यूज । राजेंद्र सिंह
‘वाटरमैन ऑफ़ इंडिया’ कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह ने आईडीआर से हुई इस खास बातचीत में जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम विकास पर विस्तार से बात की है। यहां उनसे जानिए कि कैसे सिर्फ पानी बचाकर गांव आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।जहां चाह वहां राह
वाराणसी के एक छात्र रिलेशनशीप मैनेजर के जीवन का दिन जो ख़ासकर महामारी के दिनों में युवाओं को रोज़गार के लिए कौशल विकास में प्रशिक्षण देती हैं।आईडीआर इंटरव्यूज । बेज़वाड़ा विल्सन
सफ़ाई कर्मचारियों द्वारा मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा के विरुद्ध ताउम्र संघर्ष करनेवाले बेज़वाड़ा विल्सन दलितों के नेतृत्व में ज़मीनी स्तर पर तैयार किए जाने वाले आंदोलन की बात करते हैं। वह चाहते हैं कि यह आंदोलन इस अमानवीय प्रथा का अंत करने में मददगार साबित हो और इस प्रथा के शिकार लोगों को इससे मुक्ति मिल सके।आईडीआर इंटरव्यूज । सुषमा अयंगर
कच्छ में अपने अभूतपूर्व काम के लिए जानी जाने वाली सुषमा अयंगर आईडीआर से बातचीत में बता रही हैं कि उनका सारा ध्यान महिला अधिकार और ग्रामीण विकास पर क्यों हैं। साथ ही उन्हें क्यों लगता है कि आज महिला सशक्तिकरण का दायरा आर्थिक परिवर्तन तक सीमित है।“युवाओं की आवाज़ सुनी जानी चाहिए”
जमशेदपुर के एक स्वयंसेवी संस्था के संस्थापक के बारे में पढ़िये जो ट्रांसजेंडर, क्वीर और हाशिए पर जी रहे युवाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं।स्थाई उत्पाद एवं आजीविका निर्माण
एक स्वयं सहायता समूह सदस्य और लीफ़ क्रशिंग मशीन ऑपरेटर बताती है कि कैसे उसकी पहली औपचारिक नौकरी से वह आत्मनिर्भर हुई और उसने अपने परिवार की आर्थिक मदद की।क्या भूमि अधिकार महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है?
गुजरात में पैरालीगल कर्मचारी के जीवन का एक दिन जो महिलाओं के सम्पत्ति के अधिकार के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाती है। वह विधवाओं को ज़मीन का मालिकाना हक़ दिलवाने और ज़मीन के रिकॉर्ड पर उनका नाम दर्ज करवाने में उनकी मदद करती है।ठीक होने की राह पर
नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों की सहायता करने वाले एक सलाहकार के जीवन का दिन। इस लत को छोड़ने में वह युवाओं की मदद के लिए अपने अनुभवों का इस्तेमाल करते हैं।आईडीआर इंटरव्यूज | अरुणा रॉय
जानीमानी सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई और मनरेगा जैसे विभिन्न अधिनियमों के लिए किए गए आंदोलनों के पीछे एक प्रेरणा शक्ति के रूप में काम करने वाली अरुणा रॉय हमें बता रही हैं कि वास्तव में सहभागी आंदोलनों को टिकाऊ बनाए रखने के लिए क्या करना पड़ता है। और असहमति के अपने लोकतान्त्रिक अधिकार के लिए हमें क्यों लड़ना चाहिए।ओडिशा की एक शिल्पकार ने गढ़ी अपनी ही कहानी
ओड़िशा की एक शिल्पकार जो अपनी कहानी बता रही है कि कैसे उसने महिला शिल्पकारों के साथ मिलकर अपनी एक विश्वसनीय पहचान बनाई और समुदाय विकसित किया।