सामाजिक न्याय
कौन बोला, कौन बोला ?
कानों की गुस्ताख़ियां माफ हों!आईडीआर इंटरव्यूज़ | मार्टिन मकवान
दलित अधिकार कार्यकर्ता मार्टिन मकवान हमें बताते हैं कि किन लोगों के साथ संवादों और किन अनुभवों ने उनके सामाजिक काम को आकार दिया और सामाजिक न्याय के लिए काम करते हुए उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।पावर मैपिंगः समाज में ताकत और प्रभाव को समझने का एक तरीका
पावर मैपिंग किसी समस्या से जुड़े साझेदारों, व्यवस्थाओं और उनके बीच मौजूद ताकत और प्रभाव के रिश्तों को समझने का एक सहभागी तरीका है।प्यारे आंदोलन, …..
वह कभी किसान बनकर लौटता है, कभी छात्र, कभी जंगल, कभी पहाड़। उसका आना सड़क और संसद, दोनों के लिए ज़रूरी है। इसलिए आज एक खुला ख़त, आंदोलन के नाम।सपनापुर में आख़िरी आदमी की तलाश!
लोकतंत्र का हाल चाहे कितना बेहाल हो, आंकड़े उसे सुंदर बना ही देते हैं। आज़ादी के आठ दशक बाद भी वन विभाग के नियंत्रण में क्यों हैं मध्य प्रदेश के वन ग्राम?
वन ग्राम वे बस्तियां हैं जिन्हें वन विभाग ने अपने नियंत्रण वाले वन क्षेत्रों में बसाया या अपने प्रशासनिक ढांचे में शामिल किया। इनमें भूमि, रिकॉर्ड और प्रशासन लंबे समय तक राजस्व विभाग के बजाय वन विभाग के अधीन रहे हैं।दलित हिस्ट्री मंथः एक महीने की क्रांति, बाकी साल शांति
जब तक फैसले लेने वालों के सरनेम नहीं बदलते, तब तक दलित हिस्ट्री मंथ कैलेंडर की एक औपचारिक तारीख भर है।नमस्कार, आज के मुख्य समाचार!
अगर सोशल सेक्टर की खबरें भी हिंदी के समाचारों की तरह छपती, तो शायद हर न्यूज़ ब्रेकिंग न्यूज़ होती!