युवा

कौन बोला, कौन बोला ?

कानों की गुस्ताख़ियां माफ हों!
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  1. “लोग हमेशा मन की बात सुनते रहेंगे, तो मन की बात बोलेंगे कब?”
    कहां सुना गया: चाय पीते प्रदर्शनकारियों के बीच।
  2. “मैं पहले घर पर कार्डियो करता था। अब प्रोटेस्ट में करता हूं।”
    कहां सुना गया: दिल्ली के फुटपाथ पर।
  3. “इतनी पुलिस है कि पुलिस को भी लग रहा है कि उसे पुलिस ने घेर लिया है।”
    कहां सुना गया: एक वॉट्सऐप ग्रुप में।
  4. “सुना है, पूरा बॉलीवुड भी बस पकड़कर जा रहा था…
    पुलिस की बस?
    नहीं, नहीं…अंबानी की पार्टी वाली बस!”
    कहां सुना गया: मुंबई में दो पत्रकारों के बीच।
  5. “अभी गैरकानूनी हिरासत में मत लो। कोर्ट का ऑर्डर आता ही होगा।”
    कहां सुना गया: सुप्रीम कोर्ट के बाहर।
  6. “मध्य प्रदेश से दिल्ली प्रदर्शन करने आए थे। बस में बैठे-बैठे दिल्ली दर्शन हो गए।”
    कहां सुना गया: डिटेन किए गए लोगों की एक बस में।
  7. “सर, शर्ट फट गई तो मम्मी मारेगी…घर जाकर छिपाना पड़ेगा…जाने दो न!”
    कहां सुना गया: बैरिकेड के पास।
  8. “जाकर कह दो अपने यूएन से! हमारे यहां घर की बात घर में ही रखते हैं!”
    कहां सुना गया: ह्यूमन राइट्स दफ़्तर में।
  9. “देखिए आपको शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है। लेकिन प्रदर्शन कहां होगा, ये हम तय करेंगे।”
    कहां सुना गया: एक न्यूज़ चैनल में।
  10. “अगर ये प्रदर्शनकारी सच में शांतिप्रिय होते, तो घसीटते वक्त इतनी ज़ोर से चिल्लाते?”
    कहां सुना गया: पुलिस की वैन के बाहर।
  11. “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आखिरकार जनता को किया संबोधित…डांडिया रास में!”
    कहां सुना गया: एक कैफ़े में।
  12. “जो किसान कभी दिल्ली में अनाज उगाते थे, उनकी ज़मीन छीन ली। और जो धनिया बो रहा है, उसे पूरी दिल्ली दे दी!”
    कहां सुना गया: एक यूनिवर्सिटी में।
  13. “मैं यहां सबवे सर्फर्स खेलने आया हूं…सरकार तो पहले से ही टेंपल रन खेल रही है।”
    कहां सुना गया: मेट्रो स्टेशन के बाहर।
  14. “प्रोटेस्ट में पुलिस ने फ़ोन, बैग, आईडी सब छीन लिया। अब मेरे पास सिर्फ़ व्यंग्य करने का सामान बचा है।”
    कहां सुना गया: एक ऑफिस मीटिंग में।
  15. “कबड्डी-कबड्डी-कबड्डी-कबड्डी!”
    कहां सुना गया: एक प्रदर्शनकारी का हौसला बढ़ा रही भीड़ में।

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