1. बाप कौन, बेटा कौन?
एसआईआर की लिस्ट ने बाप-बेटे की अदला-बदली ही कर दी। रमेश बन गए सुरेश और सुरेश बन गए रमेश! अब दोनों को मिलकर साबित करना पड़ रहा है कि बाप कौन है और बेटा कौन!


2. न घर बचा, न इंसान!
पिछले साल सरकार ने दिल्ली के एक हिस्से में 300 घर ढहा दिए। इस साल एसआईआर ने वहां के 1200 लोगों के वोट काट दिए। यानी पहले घर गया और फिर वोट का अधिकार। और हां, सरकार बदलने का मौका भी!


3. चले थे चुनाव लड़ने, पता चला वोट ही नहीं है!
राजस्थान में राकेश वार्ड पंचायत का चुनाव लड़ने नामांकन भरने पहुंचे, तो पता चला कि एसआईआर ने उनका नाम वोटर लिस्ट से ही उड़ा दिया है।


4. दो भारत, एक वोटर लिस्ट!
एक ही वोटर लिस्ट, लेकिन दो भारत। एक में लोग अपना वजूद साबित करने के लिए जूझते हैं, तो दूसरे में बस इतना कहना काफी है: ‘काम हो जाएगा!’


इलस्ट्रेशन साभार: ईशानी मोदी
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