जमीनी कार्यकर्ता
विकलांग जन के लिए प्रोग्राम बनाते समय क्या ध्यान में रखना चाहिए?
विकलांग-जनों के लिए कार्यक्रम डिजाइन करते हुए समुदाय की जरूरतों को पहचानना और उनके अनुसार काम करना, प्रभावी नतीजे देने वाला हो सकता है।पोषण माह में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के अनुभव
पोषण माह के दौरान गुल्लक सीरीज़ के बहाने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की काल्पनिक प्रतिक्रियाएं।एक बार फील्ड में: जब शुद्ध हिंदी बोलने के चक्कर में गड़बड़ हो गई
जमीनी कार्यकर्ताओं को समुदाय के साथ हिंदी में ही बात करने की समझाइश दी जाती है, इसी कोशिश के चलते हुई गड़बड़ी का एक दिलचस्प किस्सा।जब एक इंजीनियर विकास सेक्टर में काम करने आता है!
इंजीनियरिंग की पढ़ाई किए हुए लोग और उनके किस्से हर जगह मिल जाएंगे। विकास सेक्टर भी उनसे अछूता नहीं है। आइए, एक नज़र डालते हैं।आईडीआर इंटरव्यूज | मधु मंसूरी हंसमुख
पद्मश्री सम्मान से नवाजे जा चुके लोकगीत कलाकार मधु मंसूरी हंसमुख ने आईडीआर के साथ अपनी बातचीत में बताया कि कैसे छोटी सी उम्र से ही इन्होंने लोकगीत को अपना हथियार बनाकर झारखंड आंदोलन को एक नई दिशा और चेतना प्रदान की।सपने ढोते हट्टे-कट्टे…पर नेतृत्व का कंधा न छूटे!
सामाजिक सेक्टर में काम करते हुए अक्सर जमीनी नेतृत्व को अहमियत दी जाती है, लेकिन हम इसे कितनी गंभीरता लेते हैं, यहां देखिए।आखिर जमीनी संस्थाएं अपने काम को विस्तार क्यों नहीं दे पा रही हैं?
जमीनी संस्थाओं की सफलता में वित्तीय प्रबंधन, नेतृत्व विकास, तकनीक और सरकारी नीतियों की समझ की कमी जैसी अनगिनत बाधाएं हैं।ज़मीनी कार्यकर्ता तकनीक का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?
डेटा इकठ्ठा करने के लिए तकनीक को अपनाना ज़मीनी कार्यकर्ताओं के लिए उनके काम की योजना बनाने और रिपोर्ट बनाने में फायदेमंद है।फील्ड सर्वेक्षण को बेहतर करने के कुछ तरीके | भाग-दो
फील्ड सर्वेक्षण से जुड़े कुछ ऐसे तरीके जो न केवल आपको फील्ड में मदद करेंगे बल्कि ये आपके सर्वे की गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।समाजसेवी संस्थाओं के जमीनी कार्यकर्ताओं की मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
आईडीआर का एक अध्ययन बताता है कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किन बिंदुओं पर समाजसेवी संस्थाओं से समर्थन की अपेक्षा होती है।जब आप वर्कशॉप में जाते हैं…
कभी आप वर्कशॉप में जाते हैं और कभी आपको जाना पड़ता है, दोनों ही सूरतों में आपके मन का हाल।