हल्का-फुल्का

जब एक इंजीनियर विकास सेक्टर में काम करने आता है!

इंजीनियरिंग की पढ़ाई किए हुए लोग और उनके किस्से हर जगह मिल जाएंगे। विकास सेक्टर भी उनसे अछूता नहीं है। आइए, एक नज़र डालते हैं।
स्वदेस में शाहरुख खान_इंजीनियर

1. अपने आप को आईने में देख कर

उम्मीद:

बांध बनाने का दृश्य_ इंजीनियर

असलियत: 

स्वदेस में शाहरुख खान_ इंजीनियर

2. पहली मीटिंग में डायरेक्टर से मिलने जाता है

उम्मीद:

स्वदेस खेत का एक दृश्य_ इंजीनियर

असलियत:

नाव पर जाते लोग_इंजीनियर-चार

3. मैनेजर से बात करते हुए

उम्मीद:

शाहरुख खान और मकरंद देशपांडे_इंजीनियर

असलियत:

बात करते शाहरुख खान और मकरंद देशपांडे_इंजीनियर

4. कलीग्स से पहली बार मिलते हुए

उम्मीद:

फिल्म में गांव के लोग_इंजीनियर

असलियत:

पंचायत का एक दृश्य_इंजीनियर

5. कम्युनिटी से मिलते हुए

उम्मीद:

फिल्म में समुदाय_इंजीनियर

असलियत:

बातचीत करते लोग_इंजीनियर

लेखक के बारे में

  • सिद्धार्थ आईडीआर में एडिटोरियल एसोसिएट हैं। इससे पहले वे यूथ की आवाज़ हिन्दी और युवानिया जैसे डिजिटल प्लैटफॉर्म्स के साथ संपादकीय भूमिका में काम कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने जनसंगठनों के साथ काम करने वाली संस्था श्रुति के साथ लंबे समय तक काम किया है।
  • राकेश स्वामी आईडीआर में सह-संपादकीय भूमिका मे हैं। वह राजस्थान से जुड़े लेखन सामग्री पर जोर देते हैं। राकेश के पास राजस्थान सरकार के नेतृत्व मे समुदाय के साथ कार्य करने का एवं अकाउंटेबलिटी इनिशिएटिव, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च मे लेखन एवं क्षमता निर्माण का भी अनुभव है। राकेश ने आरटीयू यूनिवर्सिटी, कोटा से सिविल अभियांत्रिकी में स्नातक किया है।