जमीनी कार्यकर्ता
फील्ड वर्कर की डायरी: संघर्ष, सवाल और सैलरी का हिसाब!
समुदाय के साथ काम करते हुए, समाजसेवी संस्थाओं के जमीनी कार्यकर्ता कई बार ऐसी दुविधाओं से गुजरते हैं जब उन्हें समझ नहीं आता कि हंसे या नाराज हों, ऐसी ही कुछ झलकियां।आईडीआर से समझिए: वन अधिकार अधिनियम, 2006 (एफआरए)
वन अधिकार अधिनिमय, 2006 (एफआरए) से जुड़े चार सबसे जरूरी सवालों के जवाब जो इसके इतिहास, जरूरत, फायदों और चुनौतियों पर बात करते हैं।विकास सेक्टर में अपना डिजिटल फुटप्रिंट कैसे तैयार करें?
डिजिटल एक्टिविज़म में सोशल मीडिया हैशटैग कैंपेन, ऑनलाइन याचिकाएं, क्राउडफंडिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे उपाय तरीके शामिल हैं।सरल कोश: फेमिनिज़म
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - फेमिनिज़म।सुनना, समझना, सहारा देना: मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता होने के मायने
उत्तराखंड के देहरादून में स्थित एक सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की दिनचर्या, जो लोगों के साथ भरोसेमंद रिश्ता बनाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाती हैं।फोटो निबंध: समय के साथ बहे जलाशय, अब संवारने की बारी
बुंदेलखंड में गणतंत्र दिवस की थीम ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ को सदियों पुराने पारंपरिक जलाशयों के पुनरोद्धार के माध्यम से साकार किया जा रहा है।शायर कार्यकर्ता का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
शायर कार्यकर्ता से आईडीआर की काल्पनिक बातचीत, जिसका वास्तविक घटनाओं से भरपूर मेल है।पाताल लोक गाइड: जमीनी कार्यकर्ता विशाल आयोजनों में हिम्मत कैसे बनाए रखें
जब एक जमीनी कार्यकर्ता महानगर में आयोजित किसी ‘लग्जरी’ कार्यशाला में पहुंचता है तो मन खुद को ‘इंस्पेक्टर हाथीराम’ और आयोजन को 'पाताल लोक' सा महसूस करता है।समाजसेवी संस्थाएं अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए कितनी तैयार हैं?
सोशल सेक्टर में एआई का सही इस्तेमाल कार्यकुशलता को कई गुना बढ़ा सकता है लेकिन इसे अपनाने से पहले कुछ जरूरी सवालों के जवाब टटोलना बाकी है।