अधिकार
क्या मनरेगा की खामियों को भर पाएगा वीबी-जी राम जी?
केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा एक अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है। ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?जन आंदोलन लंबे समय तक कैसे जिंदा रहते हैं?
आंदोलन की असली ताकत सामुदायिक भागीदारी, जमीनी नेतृत्व और व्यापक गठबंधन होते हैं। छोटी-छोटी जीतों, अदालती आदेशों और नीतिगत बदलावों के बावजूद संघर्ष लगातार जारी रहता है।झारखंड के पेसा नियम, मूल नियमों से कितने अलग हैं?
झारखंड पेसा नियमावली, 2025 का धारा दर धारा विश्लेषण।कॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित करना जरूरी हो गया है।संवेदनशील विषयों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को किस तरह के सहयोग की दरकार है?
संवेदनशील विषयों पर काम करने वाली संस्थाओं से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत, पेशेवर और मानसिक स्तरों पर सहयोग और प्रशिक्षण की जरूरत होती है, इनकी पहचान और समाधान से जुड़े कुछ सुझाव।बुंदेलखंड में पानी और जाति के बीच दूरी बरकरार है
शेड्स ऑफ़ रूरल इंडिया के इस वीडियो से समझिए कि देश की सामाजिक संरचना में आधुनिक दौर में भी जातिगत भेदभाव की जड़ें कितनी गहरी हैं।एक समावेशी स्कूल कैसा होना चाहिए?
विकलांगता से प्रभावित बच्चों के लिए अलग-थलग समाधान की नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है ताकि समावेशन संभव हो सके।