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यह आपकी अंतरात्मा की आवाज़ है… शायद?
आमतौर पर विकास सेक्टर में काम करने वाले विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते हैं, लेकिन ऐसे में उनकी अंतरात्मा क्या कहती है, यहां जानिए।फील्ड सर्वेक्षण को बेहतर करने के कुछ तरीके | भाग-एक
फील्ड सर्वेक्षण से जुड़े कुछ ऐसे तरीके जो न केवल आपको फील्ड में मदद करेंगे बल्कि ये आपके सर्वे की गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।ज़मीनी ज्ञान क्या है और इसका संरक्षण क्यों ज़रूरी है?
ज़मीनी ज्ञान जहां समुदाय को आजीविका और विकास के स्थायी साधन देता है, वहीं अकादमिक ज्ञान से जोड़े जाने पर पर्यावरण और तकनीक से जुड़ी कई बड़ी समस्याओं के हल भी दे सकता है।क्या केवल प्रमाण पत्र देकर जंगलों को बचाया जा सकता है?
भारत में वन एवं लकड़ी प्रमाणपत्र योजना बहुत ही महंगी है और इससे वनोपज का उचित उत्पादन या बेहतर वन प्रबंधन भी सुनिश्चित नहीं होता है।हीरामंडी के बहाने जानिए समाजसेवी संस्थाओं की भावनाएं
विकास सेक्टर में आपको हीरामंडी जितना ही ड्रामा और इमोशन मिलेगा।चूल्हे से एलपीजी तक: एक ज़मीनी कार्यकर्ता जो इस सफ़र को आसान बनाती है
दिल्ली की एक फील्डवर्कर का एक दिन जो भलस्वा कॉलोनी में रहने वाले समुदायों को प्रदूषण से बचने और स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए प्रेरित करती है।सामाजिक संस्थाएं युवाओं का सहयोग कैसे कर सकती हैं?
पर्यावरण और नागरिक समाधान लाने वाले उद्देश्यों से युवाओं को जोड़े रखने के प्रयास करते हुए उनकी बदलती ज़रूरतों के साथ तालमेल रखना महत्वपूर्ण है।भारत के विकलांगता कानून की एक झलक
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 विकलांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा और रोजगार से लेकर स्वास्थ्य तक के अधिकार देता है।एक किस्सा सफलता की कहानियों का
सामाजिक सेक्टर में काम करते हुए अक्सर सफलता की कहानियों को इकट्ठा करने पर बहुत ज़ोर दिया जाता है, इससे जुड़े कुछ किस्से आप यहां देख सकते हैं।घुमंतू जनजातियां शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित क्यों हैं?
सामाजिक कल्याण योजनाएं बनाते हुए अक्सर खानाबदोश और अधिसूचित जनजातियों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है जिसे बदले जाने की ज़रूरत है।