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समाजसेवी संस्थाओं के जमीनी कार्यकर्ताओं की मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
आईडीआर का एक अध्ययन बताता है कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किन बिंदुओं पर समाजसेवी संस्थाओं से समर्थन की अपेक्षा होती है।फोटो निबंध: मिलेट क्रांति की राह में क्या बाधाएं हैं?
मज़बूत लग रही सरकारी नीतियों के बावजूद, किसानों के पास मोटे अनाजों को उगाने, प्रोसेसिंग करने और उन्हें संग्रहित करने के लिए ज़रूरी सुविधाएं और समर्थन नहीं हैं।जब आप वर्कशॉप में जाते हैं…
कभी आप वर्कशॉप में जाते हैं और कभी आपको जाना पड़ता है, दोनों ही सूरतों में आपके मन का हाल।ग्रामीण राजस्थान को मनरेगा की ज़रूरत क्यों है?
श्रमिक, यूनियन और नागरिक संगठन बता रहे हैं कि सीमित बजट, कम मज़दूरी और भ्रष्टाचार के बाद भी मनरेगा स्थानीय विकास और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका कैसे निभाता है।विकास सेक्टर में आपका जीवन
पंचायत वेबसीरीज की नज़र से समझिए।यौन पहचान, स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़े 50 शब्द
यौन और प्रजनन स्वास्थ्य तथा अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से संबंधित 50 शब्द, जो भारतीय और दक्षिण एशियाई संदर्भ के लिए प्रासंगिक हैं, नीचे दिए गए हैं।रिपोर्ट लिखने के दौरान आने वाली कठिनाइयां
पंचायत सीरीज के नज़रिए से जानिए कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जब रिपोर्ट लिखने की बात आती है।भारतीय संविधान के बनने की शुरुआत कैसे हुई?
नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया के इस पॉडकास्ट में सुनें भारतीय संविधान सभा के बनने, उसके सदस्यों के चुने जाने और उस दौर की परिस्थितियों के बारे में।एक बार जब… स्कूल में एक अफ़वाह उड़ी
और, उस अफ़वाह को सुनकर स्कूल में जो हुआ, वो बहुत मज़ेदार था।आदिवासी महिलाओं के साथ काम करने वाली संस्थाएं, इन पांच आंकड़ों पर ध्यान दें
प्रदान द्वारा जारी आदिवासी आजीविका रिपोर्ट के महिलाओं से जुड़े कुछ आंकड़े जो शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्णय क्षमता जैसे विषयों पर उनकी स्थिति का पता देते हैं।आर्थिक विकास के साथ ग्रामीण मज़दूरों की आय क्यों नहीं बढ़ रही है?
अर्थशास्त्री आश्चर्य जताने लगे हैं कि भारत के अलावा दुनिया में कोई और देश नहीं जहां आर्थिक विकास होने के बावजूद दस सालों से ग्रामीण मज़दूरी ठहरी हुई हो।