फंडिंग
ज़ुल्मतों के दौर में सोशल सेक्टर की चुप्पी
सिविल सोसाइटी की पहचान सिर्फ़ उसके काम से नहीं, बल्कि इस बात से बनती है कि वह मुश्किल समय में किसके साथ खड़ी होती है।ज़मीनी संस्थाएं फंडर से कैपेसिटी बिल्डिंग और संस्थागत विकास पर बातचीत कैसे करें?
क्षमता निर्माण और संगठनात्मक विकास को अक्सर परियोजनाओं से अलग ज़रूरत माना जाता है, जबकि यही किसी संस्था के दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव की बुनियाद हैं। दानदाताओं के साथ संवाद और नेगोशिएशन की रणनीति इस सोच को बदलने में अहम भूमिका निभा सकती है।झूम खेती के संकट से निकलने का रास्ता कैसे खोज रहे हैं मणिपुर के किसान?
बढ़ती आबादी, भूमि पर बढ़ते दबाव और बदलते पर्यावरण के बीच मणिपुर के किसानों के लिए झूम खेती अब पहले जितनी प्रभावी नहीं रही है। ऐसे में मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ-साथ किसानों की आजीविका बेहतर बनाने के लिए खेती के नए तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं।दावत-ए-नेटवर्किंग!
कॉन्फ्रेंस के लंच में सिर्फ मेनू नहीं, रिश्ते भी परोसे जाते हैं। अपनी नेटवर्किंग को मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपनाइए हमारे कुछ ख़ास नुस्खे!विकलांगता पर काम करने वाली संस्थाओं को फंडिंग क्यों नहीं मिलती?
भारत में सीएसआर फंडिंग का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा विकलांगता क्षेत्र तक पहुंचता है। एक नयी रिपोर्ट बता रही कि है कि इस स्थिति को कैसे बदला जा सकता है।फंडर से बातचीत? योगा से होगा!
फंड आए न आए, सांस आती रहेगी!एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 का संस्थाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
प्रस्तावित संशोधनों के तहत गैर-लाभकारी संगठनों के ऊपर यह संकट बना रहेगा कि यदि उनका एफसीआरए पंजीकरण समाप्त हो जाता है या रद्द कर दिया जाता है, तो विदेशी फंड से तैयार संपत्तियों पर उनका नियंत्रण खत्म हो सकता हैक्या क्षेत्रीय भाषाएं क्राउडफंडिंग को ज़्यादा प्रभावी बनाती हैं?
स्थानीय भाषा और संस्कृति को दर्शाने वाले फंडरेजिंग कैंपेन डोनर्स का विश्वास जीतने में बेहतर साबित हो सकते हैं।फंडिंग के पीछे की कहानीः हैलो, हैलो, नमस्ते…
सीएसआर फंडरेजिंग केवल फाइल, रिपोर्ट्स और कॉल नहीं है, यह धैर्य, संवाद और लगातार उम्मीद बनाए रखने की कला है।फंडर को क्या चाहिए? बस हमारा सुकून!
जीवन और उसकी अनंत चुनौतियों से आगे बस एक चीज है! फंडर्स की मांगें…कुछ ऐसी ही बात कहता एक जमीनी किस्सा।संस्थाओं की बुनियादी फंडिंग की कुंजी
भाषा और प्रक्रियाओं में सूक्ष्म बदलाव से आप अपनी संस्था की बुनियादी जरूरतों के लिए फंड सुनिश्चित कर सकते हैं।