हल्का-फुल्का

दावत-ए-नेटवर्किंग!

कॉन्फ्रेंस के लंच में सिर्फ मेनू नहीं, रिश्ते भी परोसे जाते हैं। अपनी नेटवर्किंग को मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपनाइए हमारे कुछ ख़ास नुस्खे!
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फाइव स्टार होटल में चल रही कॉन्फ्रेंस के लंच में आपका स्वागत है। इसका बजट? शायद आपकी संस्था के एक महीने के बजट से थोड़ा ज़्यादा। इसलिए अगर यहां का खाना पचाना है, तो आजमाएं हमारे कुछ ख़ास नुस्खे!

1. किससे बात करें?

हॉल में नज़र दौड़ाइए। आपको दो-तीन चेहरे दिखेंगे, जिनके इर्द-गिर्द सब शालीनता का घेरा बनाकर खड़े होंगे। समझ जाइए यही फंडर हैं। धीमे कदमों से उस ग्रुप में शामिल हो जाइए और अपनी बारी का इंतज़ार कीजिए। और हां! जो लोग फ्रेंच वाइन का नाम भी ठीक से न बोल पाएं, उनसे दूरी बनाए रखें।

2. अपना परिचय कैसे दें?

अपनी राम-कहानी शुरू न करें। जहां तीन तरह की पनीर की सब्ज़ी और मिठाईयों का काउंटर हो, वहां किसी को आपके संघर्ष की नहीं पड़ी। सीधे अपने पद, संस्था और फंडर के नाम से बात शुरू करें। उसके बाद तसल्ली से देखें कि कैसे सामने वाला अपनी कॉफी गटकते हुए सेक्टर में आपकी हैसियत को समझता जाता है।

3. क्या कहें?

पैसा शब्द का इस्तेमाल वर्जित है। रिसोर्स या फाइनेंसिंग मॉडल कहें। साथ ही रेज़िलिएंस, पाथवेज़, इनोवेशन और सिनर्जी जैसे शब्दों को जपते रहें। आपकी संस्था ने कितने लोगों को ‘रीच’ किया है, यह भी बतायें। ज़रूरत पड़े तो इस नंबर को थोड़ा बढ़ा-चढ़ा कर भी बता सकते हैं। साथ ही इंपैक्ट का गुणगान करना न भूलें।  

अंत में, जब सामने वाला आपकी बातें सुनकर गर्दन झुकाने लगे तो समझिए आप महफिल में फिट हो चुके हैं।

4. बातचीत का एग्ज़िट रूल

जब आपकी अपनी बात ख़त्म हो जाए (या सामने वाला अपनी टेड टॉक शुरू कर दे), तो मुस्कुराएं और कहें, ‘आपसे बहुत कुछ सीखने को मिला। आगे ईमेल पर जुड़े रहेंगे।’ फिर तुरंत उन्हें लिंक्डइन पर रिकवेस्ट भेजें जो उन्हें एक्सेप्ट करनी पड़े। इसके बाद उनसे कभी संपर्क न करें।

आज के नुस्ख़ों में इतना ही। अगली किस्त से पहले इनकी प्रैक्टिस करना न भूलें!

लेखक के बारे में

  • हलीमा अंसारी आईडीआर में सम्पादकीय विश्लेषक के रूप में कार्यरत हैं जहां वे आलेखों के लेखन, सम्पादन और प्रकाशन की जिम्मेदारी सम्भालती हैं। वे टेक्नोलॉजी में लिंग और नैतिकता जैसे विषय में रूचि रखती हैं और उन्होंने फ़ेमिनिज़म इन इंडिया और एमपी-आईडीएसए के लिए इस विषय पर लेख भी लिखे हैं। हलीमा ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पॉलिटिक्स एवं एरिया स्टडीज़ में एमए किया है और लेडी श्रीराम कॉलेज फ़ॉर वीमेन से इतिहास में बीए की पढ़ाई पूरी की है।