लैंगिक विषय
घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ लड़ रही एक आदिवासी महिला के जीवन का दिन
खुद घरेलू हिंसा की पीड़िता, ग्रामीण राजस्थान की एक आदिवासी महिला हिंसा का सामना करने वाली अन्य महिलाओं को न्याय और हक़ दिलाने में उनकी मदद कर रही है।फोटो निबंध: घरेलू वायु प्रदूषण का महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलिंडरों का उपयोग बढ़ा है। लेकिन अब भी कई सारी औरतें लकड़ी जलाकर खाना पकाती हैं। लकड़ी जैसे जैविक ईंधन के इस उपयोग का औरतों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है।आज भारत में एक शहरी नवयुवक होने के क्या मायने हैं?
देश के शहरी इलाक़ों में रहने वाले किशोरों और युवाओं की चिंताओं और चुनौतियों पर किए गए अध्ययन के नतीजे क्या बताते हैं।लड़कों और पुरुषों के साथ लैंगिक बराबरी पर काम करने के लिए एक गाइड
महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को ख़त्म करने के लिए, पुरुषों और लड़कों के साथ काम करने वाले लैंगिक कार्यक्रमों पर दो वर्ष लम्बा एक अध्ययन किया गया। इस अध्ययन से क्षेत्र में काम करने वालों को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं।लैंगिक संवेदनशीलता के बारे में बचपन से ही बताया जाना चाहिए
लिंग मानदंडों में बदलाव लाने के लिए लिंग जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लड़कों और लड़कियों को बचपन से ही संवेदनशील बनाया जाना चाहिए।आईडीआर इंटरव्यूज । सुषमा अयंगर
कच्छ में अपने अभूतपूर्व काम के लिए जानी जाने वाली सुषमा अयंगर आईडीआर से बातचीत में बता रही हैं कि उनका सारा ध्यान महिला अधिकार और ग्रामीण विकास पर क्यों हैं। साथ ही उन्हें क्यों लगता है कि आज महिला सशक्तिकरण का दायरा आर्थिक परिवर्तन तक सीमित है।महिलाओं के नेतृत्व को पहचानने के अवसर में तब्दील एक संकट
स्वयं शिक्षण प्रयोग की संस्थापक प्रेमा गोपालन से हुई बातचीत जिसमें वे महिलाओं के लिए आजीविका के स्थायी साधन के रूप में खेती की भूमिका पर बात कर रही हैं।बाल विवाहों को रोकने के लिए क़ानून बनाने के अलावा हमारे पास क्या विकल्प हैं?
बाल विवाह निषेध (संशोधन) अधिनियम 2021 में लड़कियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन बाल विवाह को ख़त्म करने के लिए यह कदम काफ़ी नहीं होगा।