हल्का-फुल्का

विकास सेक्टर में आपका जीवन

पंचायत वेबसीरीज की नज़र से समझिए।
पंचायत सिरीज़_ज़मीनी कार्यकर्ता

1. दिनभर मीटिंग करने के बाद आपके मन की आवाज़।

एक आदमी कहता है "कीजिये मीटिंग मीटिंग, करते रहिए मीटिंग मीटिंग"_जमीनी कार्यकर्ता

2. एचआर से अप्रेजल के लिए बात करते हुए।

दो लोग कह रहे है "हम ज़्यादा गरीब"_ज़मीनी कार्यकर्ता

3. जब फंडर ने प्रोजेक्ट के लिए हां कह दी हो पर पैसे नहीं भेजें हों।

एक औरत बोलती है "मिलेगा ना सचिव जी"_ज़मीनी कार्यकर्ता

4. दो सहकर्मियों के झगड़े वाला ई-मेल थ्रेड जिसमें आप भी हैं।

एक लड़की बोलती है "अरे चुप छाप लड़िए न दोनों, घर में और भी कोई रहता है"_ज़मीनी कार्यकर्ता

5. हेड ऑफिस वाले जब ज़मीनी कार्यकर्ताओं से बात करते हैं।

एक औरत बोलती है "सब का सब किताब अङ्ग्रेज़ी में रहता है, ये तो बड़ा कठिन होगा?"_ज़मीनी कार्यकर्ता

6. कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़कर विकास सेक्टर में आए लोग।

एक आदमी बोलता है "क्रांति लाने के लिए बलिदान देना पड़ता है"_ज़मीनी कार्यकर्ता

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लेखक के बारे में

  • श्रिया रॉय आईडीआर में मल्टीमीडिया संपादक हैं। वे ऑडियो-वीडियो कॉन्टेंट तैयार करने और उनका प्रबंधन करने की ज़िम्मेदारियां देखती हैं। कई प्रतिष्ठित प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल न्यूज़रूमों का हिस्सा रह चुकी श्रिया के पास छह वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। वे एनडीटीवी में शोधकर्ता, द इंडियन एक्सप्रेस में संवाददाता और फेमिनिज्म इन इंडिया में मल्टीमीडिया संपादक की भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।