मनोरंजन
समझ का फेर?
सामाजिक सेक्टर में भाषा की एक पहेली जो जाने कब हल होगी?कथनी और करनी
शिक्षा व्यवस्था और उसकी ईमानदारी के किस्से।जब कहने वाले हों हजार, तब चाहिए मन की शक्ति अपार
युवाओं को जब अपना करियर चुनना होता है तो कई बार उनसे ज़्यादा समाज की चलती है।कभी-कभी हेड ऑफिस से आने वाले फील्ड टीम की ‘मदद’ कैसे करते हैं?
कुछ स्थितियां जब हेड ऑफिस से आने वालों को ज़मीनी कार्यकर्ताओं की मदद की ज़रूरत होती है।समाजसेवी संस्थाएं और उनके दबे-छिपे कामकाजी मूल्य
हर रोज़ काम (ना) आने वाले समाजसेवी संस्थाओं के कामकाजी मूल्य।पर्यावरण संरक्षण के ईमानदार प्रयास?
कॉर्पोरेट कंपनियों की सी एस आर नीतियों में पर्यावरण की चिंता।बजट के बादल, हम पर जाने कब बरसेंगे?
विकास सेक्टर को भी बजट से उम्मीद थी कि वो बरसे तो कुछ बात आगे बढ़े।सुनने में अच्छा लगा लेकिन समझ कुछ नहीं आया!
विकास सेक्टर के भारी-भरकम शब्दों (जॉर्गन) के साथ ज़मीनी कार्यकर्ताओं के अनुभव।विकास सेक्टर का सालाना राशिफल: भाग 2
अगर इस राशिफल में बताई गई कोई भी बात साल 2024 में आपके लिए सच साबित होती है, उसे केवल एक अनचाहा संयोग माना जाएगा।विकास सेक्टर का सालाना राशिफल: भाग 1
अगर इस राशिफल में बताई गई कोई भी बात साल 2024 में आपके लिए सच साबित होती है, उसे केवल एक अनचाहा संयोग माना जाएगा।सागर को गागर
जलवायु परिवर्तन को लेकर जमीनी समझ और सलाहकारों का ज्ञान कई बार मेल नहीं खाते हैं।