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एक वर्चुअल वर्कशॉप कैसे (न) करें
यह एक सत्य घटना पर आधारित नहीं है!त्रिपुरा में समाजसेवी संगठनों के काम करने के लिए एक गाइड
भौगोलिक अलगाव के अलावा त्रिपुरा में समाजसेवी संगठनों के सामने और भी कई बाधाएं हैं, जिनसे निपटने में उनका लचीलापन और आपसी साझेदारियां मददगार साबित हो सकते हैं।शायर कार्यकर्ता का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
शायर कार्यकर्ता से आईडीआर की काल्पनिक बातचीत, जिसका वास्तविक घटनाओं से भरपूर मेल है।मानसिक स्वास्थ्य क्या है और इस पर बात किए जाने की जरूरत क्यों है?
तनाव से लेकर अवसाद तक, सभी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के हल मौजूद हैं लेकिन वे कौन सी सामाजिक और व्यवस्थागत बाधाएं हैं जो इन तक पहुंचने नहीं देती हैं।बजट और हम: विकास सेक्टर की एक पुरानी कहानी के कुछ नए दृश्य
नए बजट से विकास सेक्टर में काम करने वालों को होने या ना होने वाले कुछ फायदे और नुकसान, जिनका ख्याल हमें आया।सरकार का बजट, संस्थाओं की कैसे मदद कर सकता है?
सरकार का बजट, संस्थाओं के लिए न केवल उसकी नीतियों को जानने का माध्यम है, बल्कि इससे उन्हें अपने कार्यक्रमों की प्लानिंग करने में भी मदद मिल सकती है।बजट 2025: सामाजिक क्षेत्र के लिए सरकार की 4 नई प्राथमिकताएं
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक क्षेत्र पर खर्च कम कर दिया है, जो देश की नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाती है।शहर में बेघर, ऊपर से ठंड का कहर
अक्सर शहरों को सुंदर बनाए जाने के दौरान बेघर लोगों से उनके अस्थाई आश्रय भी छीन लिए जाते हैं जो ठंड और बारिश में उनका जीवन और कठिन बना देता है।पाताल लोक गाइड: जमीनी कार्यकर्ता विशाल आयोजनों में हिम्मत कैसे बनाए रखें
जब एक जमीनी कार्यकर्ता महानगर में आयोजित किसी ‘लग्जरी’ कार्यशाला में पहुंचता है तो मन खुद को ‘इंस्पेक्टर हाथीराम’ और आयोजन को 'पाताल लोक' सा महसूस करता है।समाजसेवी संस्थाएं अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए कितनी तैयार हैं?
सोशल सेक्टर में एआई का सही इस्तेमाल कार्यकुशलता को कई गुना बढ़ा सकता है लेकिन इसे अपनाने से पहले कुछ जरूरी सवालों के जवाब टटोलना बाकी है।सरल कोश: आउटरीच
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - आउटरीच।एनजीओ वालों से ना पूछो: इस पेशे में कितना पैसा, कैसा पैसा?
समाज को बदलने के बुलंद इरादों लेकिन उतनी ही कम सैलरी के चलते एनजीओ वर्कर को समाज और परिवार जिस तरह से देखता है, उसमें जमीन-आसमान का फर्क दिखता है।