नागरिक संगठन
सरल कोश: फ्रंटलाइन वर्कर
फ्रंटलाइन वर्कर किसी दफ्तर या मीटिंग रूम तक सीमित नहीं होते, बल्कि गांवों, मोहल्लों और बस्तियों में जाकर समुदायों के साथ काम करते हैं।सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 2
वीडियो के इस भाग में हम बात कर रहे हैं, अगले कदम की— यानी, अधिकारियों से प्रभावी संवाद और बेहतर संबंध कैसे स्थापित करें।समावेशी कॉन्फ्रेंस: एक ऐसा मंच, जहां हर आवाज सुनी जाए
असल समावेश एक तटस्थ मंजिल नहीं, बल्कि एक रास्ता है जो हर पल खुलता रहता है। कभी-कभी अच्छे इरादों से किए गए प्रयास पूरी तरह से सफल नहीं होते, लेकिन इससे हमें नए अनुभव और विचार सीखने को मिलते हैं।समुदाय से संवेदना तक: मानसिक स्वास्थ्य में भागीदारी का सफर
जब कोई कार्यक्रम किसी लोगों के अनुभवों से मिलकर तैयार किया जाए तो वह अधिक मानवीय, नवीन और समानता आधारित होता है।अगली पीढ़ी के लिए कठिन वर्तमान और अनिश्चित भविष्य की वजह बनता जलवायु संकट
जानिए क्यों बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी भी जलवायु संकट से जुड़ी चर्चाओं का विषय बननी चाहिए।जातिवाद के आईने में समाज: दलित साहित्य की पांच जरूरी किताबें
दलित साहित्य पढ़कर हम समझ पाते हैं कि जातिवाद की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके उन्मूलन के लिए किस प्रकार के सामाजिक और मानसिक परिवर्तनों की जरूरत है।सरकारी योजना 404: लाभ नॉट फाउंड
सरकारी योजनाएं सबके लिए हैं, बस धैर्य आपका मजबूत हो और उम्र लंबी।आदिवासी समूहों की एकजुट पहल: जल और जमीन पर अधिकार की मांग
आदिवासी जनजातियां भू-अधिकारों और मत्स्य पालन को लेकर संगठित हो रही हैं, ताकि अपनी पारंपरिक आजीविका को सुरक्षित रख सकें।रिवर फ्रंट: नदी, नियोजन और पर्यावरणीय सरोकार
किसी भी राज्य में रिवर फ्रंट से जुड़ी गतिविधियों की शुरुआत से पहले वहां की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय लोगों को भरोसे में लेना भी जरूरी है।