“आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपका डर है”
सिविल सोसाइटी में काम करना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन हम सबको खुद से यह सवाल पूछना होगा कि आखिर हम किसके पक्ष में खड़े हैं?नेपाल आपदा: फिर उजागर हुई क्षेत्रीय तैयारी, तालमेल मजबूत करने की ज़रूरत
यह आपदा मज़बूत क्षेत्रीय सहयोग की ज़रूरत को दिखाती है, जिसमें सरकारों को सीमा-पार के खतरों से निपटने के लिए मिलकर कदम उठाने होंगे।एक सालाना रिपोर्ट की बनने से पहले ही थक जाने की दास्तान
भारत की हजारों जमीनी संस्थाओं में हर साल एक रस्म दोहराई जाती है—वार्षिक रिपोर्ट बनाना। शुरुआत संस्थापक के जोशीले भाषण से होती है, अफरातफरी से गुजरती है और आखिर में एक ऐसी चमचमाती रिपोर्ट सामने आती है, जिसे पता नहीं कितने ही लोग पढ़ते हैं!सरल कोश: हैमलेट क्या होता है और इसे समझना क्यों ज़रूरी है?
हैमलेट की पहचान और उसकी स्थिति को समझना संस्थाओं के लिए इसलिए उपयोगी हो सकता है क्योंकि इससे किसी इलाके में सेवाओं, सुविधाओं और संसाधनों की पहुंच का अधिक बारीकी से आकलन किया जा सकता है।सरकारी तंत्र में एआई को कैसे शामिल किया जाए?
सरकारी व्यवस्था में एआई लागू करने के अनुभव से तीन ग़ैर-लाभकारी संस्थाएं बता रही हैं कि एक कारगर समाधान के लिए क्या ज़रूरी है।फंडर की भाषा समझना चाहते हैं? इन 10 शब्दों से शुरुआत करें
फंडर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली कई बार ऐसी होती है, जिसे समझने के लिए सिर्फ अंग्रेज़ी जानना ही काफी नहीं होता। इन शब्दों का सही अर्थ और अलग-अलग संदर्भों में इनका इस्तेमाल समझना भी ज़रूरी होता है।शिक्षा और असमानता के बीच समुदाय का पुल
जहां औपचारिक व्यवस्था की पहुंच सीमित है, वहां सामुदायिक परिवेश वंचित छात्रों के लिए नई राह बना रहे हैं। जानिए, यह बदलाव कैसे हो रहा है।एक बरसाती पैनलिस्ट की दास्तान
पैनल में बोलने की पूरी तैयारी थी…लेकिन तीन घंटे बारिश में सफर करके पहुंचे, तो दर्शक-दीर्घा हमारे इंतज़ार में थी!बिना बड़े बजट के, बड़े संवाद की शुरुआत कैसे करें?
बड़े बजट और तय एजेंडे के बिना भी ऐसा संवाद संभव है, जिसमें हर आवाज़ को बराबर जगह मिले। जानिए, ज़मीनी संगठन कैसे अनकॉन्फ़्रेंस के ज़रिए ऐसा मंच बना सकते हैं।ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण: कितना सही-कितना गलत
केंद्रीय वित्त आयोग ने ग्रामीण इलाकों में शहरीकरण को बढ़ावा देने की सिफारिश की है- क्या यह सही है?