
स्वाति सक्सेना
स्वाति सक्सेना युवाओं के साथ नेतृत्व, व्यक्तिगत विकास और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर काम करती हैं। इससे पहले वह बिना किसी शर्त के नकद हस्तांतरण के माध्यम से गरीबी के बोझ को कम करने, प्रभावी संचार के जरिए सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं को मजबूत करने और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों का नेतृत्व कर चुकी हैं। वह सिस्टम्स थिंकिंग के जरिए लोगों को जलवायु संकट को समझने में मदद करने वाले एक ऑनलाइन पाठ्यक्रम का संचालन भी करती हैं।
स्वाति सक्सेना के लेख
हल्का-फुल्का एक सालाना रिपोर्ट की बनने से पहले ही थक जाने की दास्तान
भारत की हजारों जमीनी संस्थाओं में हर साल एक रस्म दोहराई जाती है—वार्षिक रिपोर्ट बनाना। शुरुआत संस्थापक के जोशीले भाषण से होती है, अफरातफरी से गुजरती है और आखिर में एक ऐसी चमचमाती रिपोर्ट सामने आती है, जिसे पता नहीं कितने ही लोग पढ़ते हैं!
