रोजगार
शिक्षा और कौशल को साथ लाना भविष्य में देश को मजबूत श्रमबल दे सकता है
भारत में, कौशल विकास कार्यक्रमों की विफलता का कारण कमजोर शैक्षणिक नींव है, यह लोगों को श्रमबल के रूप में तैयार करने में असफल हो रही है।फोटो निबंध: असम के कैबार्ता समुदाय को अब नदी से आजीविका क्यों नहीं मिल पा रही है
असम के कैबार्ता समुदाय की आजीविका और संस्कृति अब जलवायु परिवर्तन, औद्योगिक प्रदूषण और अत्यधिक मछली पकड़े जाने जैसे कारणों के चलते संकट में है।मनरेगा में रोजगार बंद होने से पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों पर क्या असर पड़ा है?
मनरेगा योजना के बंद होने से न केवल ग्रामीण स्तर पर लोगों का रोजगार जा रहा है बल्कि उन्हें पलायन के लिए भी मजबूर होना पड़ रहा है।कैसे जलवायु परिवर्तन ने ईंट भट्ठा मज़दूरों को कर्ज़ में डुबो दिया है?
ईंट का कारोबार मौसम पर निर्भर है लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही चरम मौसमी घटनाएं इस उद्योग को प्रभावित कर रही हैं।फोटो निबंध: कैसे औद्योगीकरण ने एन्नोर को तबाही की तरफ़ धकेल दिया है
कभी उपजाऊ आर्द्रभूमि रहा एन्नोर अब भीषण पर्यावरण संकट का सामना कर रहा है जिसने लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है।फोटो निबंध: नानकमत्ता के मौसमी मछुआरे
हवा के टकराने से टूटती अस्थायी झोपड़ियों में रहने से लेकर मच्छरों से जूझने तक, उत्तराखंड के नानकसागर बांध पर डेरा डाले एक मौसमी मछुआरे का जीवन कठिन है। लेकिन चुनौतियों के साथ कुछ ईनाम भी मिलते हैं।समाजसेवी संस्थाओं के जमीनी कार्यकर्ताओं की मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
आईडीआर का एक अध्ययन बताता है कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किन बिंदुओं पर समाजसेवी संस्थाओं से समर्थन की अपेक्षा होती है।फोटो निबंध: मिलेट क्रांति की राह में क्या बाधाएं हैं?
मज़बूत लग रही सरकारी नीतियों के बावजूद, किसानों के पास मोटे अनाजों को उगाने, प्रोसेसिंग करने और उन्हें संग्रहित करने के लिए ज़रूरी सुविधाएं और समर्थन नहीं हैं।