क्या आपका जामनगर से आई इन तस्वीरों से कोई वास्ता है… देखिए, शायद हो?
न तो जामनगर का मेहमान होना आसान बात है और ना ही सोशल सेक्टर में काम करना।बाहरी सलाहकारों की मदद से अपने संगठन के प्रभाव को कैसे बढ़ाएं?
बाहरी सलाहकारों को लाना समाजसेवी संस्थाओं के प्रभाव को बढ़ाने में कैसे मददगार साबित हो सकता है, इस पर रोशनी डालती अंतरंग फ़ाउंडेशन से जुड़ी एक केस स्टडी।क्यों भारत को किशोर लड़कियों के स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश करना चाहिए?
किशोरावस्था में बच्चे शिक्षा से कैरियर की राह पर चलने की तैयारी करते हैं इसलिए उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में एक साथ निवेश ज़रूरी हो जाता है।जब कहने वाले हों हजार, तब चाहिए मन की शक्ति अपार
युवाओं को जब अपना करियर चुनना होता है तो कई बार उनसे ज़्यादा समाज की चलती है।पंचायत के ऑनलाइन डाटाबेस को कैसे एक्सेस करें?
ऑनलाइन माध्यमों से आप घर बैठे न केवल ग्राम विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल कर सकते हैं बल्कि दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी बच सकते हैं।आज के लाभार्थी, कल के दानदाता कैसे बन सकते हैं?
एफएफई का एल्मनाई एंगेजमेंट मॉडल बताता है कि समाजसेवी संस्थाओं से सहयोग और समर्थन पाने वाले, उनके कार्यक्रमों को लंबे समय तक चलाए रखने वाले फ़ंडिंग मॉडल का हिस्सा कैसे बन सकते हैं।कभी-कभी हेड ऑफिस से आने वाले फील्ड टीम की ‘मदद’ कैसे करते हैं?
कुछ स्थितियां जब हेड ऑफिस से आने वालों को ज़मीनी कार्यकर्ताओं की मदद की ज़रूरत होती है।सरल-कोश: जेंडर इनिक्वालटी या लैंगिक असमानता
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश – विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल शब्दावली।