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फोटो निबंध: ताड़ी से जुड़े पासी समुदाय पर आजीविका की दोहरी मार
गया के पासी समुदाय की आजीविका पीढ़ियों से ताड़ी से जुड़ी रही है। लेकिन शराबबंदी, घटते पेड़ और रोजगार की कमी से पलायन बढ़ा है, जिसका असर महिलाओं और बच्चों पर भी दिख रहा है।पंचायत से परामर्श तक: मानसिक स्वास्थ्य की अहम कड़ी
केरल में एक गैर-लाभकारी संस्था की स्थानीय शासन तंत्र के साथ साझेदारी दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जनस्वास्थ्य प्रणाली में कैसे शामिल किया जा सकता है।ग्रामदान की वर्तमान चुनौतियां और कानूनी उलझनें
हमारे देश में ग्रामदानी व्यवस्था पचास वर्षों से भी ज्यादा पुरानी है। लेकिन जो गांव उस दौर में ग्रामदान को स्वीकार कर चुके थे, वे अब उससे पीछे हटना चाहते हैं।व्हाट्सएप चैटबॉट्स: सामाजिक संस्थाओं के कहां काम आ सकते हैं और कहां नहीं?
सेक्टर के दो अनुभवी लीडर्स से जानिए कि सामाजिक संस्थाएं व्हाट्सएप चैटबॉट्स का कैसे और कितना इस्तेमाल कर सकती है।नियति से साक्षात्कार: समावेशी प्रगति की राह
पूर्ण स्वराज को साकार करने के लिए हमें सोचना होगा कि विकास का असली मकसद क्या है और हम समाज में न्याय और समानता के मूल्य कैसे स्थापित कर सकते हैं।बेहतरी के लिए सीखना: लर्निंग और डेवलपमेंट के आयाम
विकास सेक्टर में लर्निंग और डेवलपमेंट की क्या उपयोगिता है और इसकी वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कौन से कदम उठाये जा सकते हैं।इम्पैक्ट स्केलिंग: काम का प्रभाव बढ़ाने की एक कुंजी
सरकार के साथ साझेदारी से लेकर मुक्त संसाधन बनाने तक, कई संस्थाओं ने प्रभाव बढ़ाने के नए रास्ते खोजे हैं। एक नई रिपोर्ट उनकी अहम सीख साझा करती है।भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में वंचित समुदायों की उपेक्षा
बिहार में कारावास की हकीकत आज भी जातीय भेदभाव और ढांचागत पक्षपात से प्रभावित है, जिसे समावेशी और न्यायपूर्ण बनाने के लिए बुनियादी बदलाव की जरूरत है।घरेलू हिंसा अधिनियम: न्याय के लिए बेहतर अमल की जरूरत
घरेलू हिंसा कानून ने कई महिलाओं को न्याय दिलाने में सहायता की है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता आज भी चुनौतियों से घिरी हुई है।क्वीयर और ट्रांस समावेशन: ढांचागत सोच से सशक्त होगी भागीदारी
समावेशन पर चर्चा के बावजूद क्वीयर और ट्रांस व्यक्तियों को अब भी संस्थानों, आजीविका के विकल्पों और नीति-निर्माण के मंचों से व्यवस्थित बहिष्कार झेलना पड़ता है।शिक्षक से, शिक्षक के लिए: पीयर लर्निंग से सशक्त होती कक्षाएं
पीयर लर्निंग, एलुमनी नेटवर्क और संस्थागत समर्थन शिक्षकों के प्रशिक्षण को महज एक औपचारिकता से आगे ले जाकर परिवर्तनकारी अनुभव में बदल रहा है।