महिला अधिकार

November 25, 2025
आईडीआर इंटरव्यूज | राजिम केतवास
पिछले चार दशकों से श्रमिक एवं महिला अधिकारों के मुद्दों पर सक्रिय रही राजिम केतवास मध्य प्रदेश के श्रमिक आंदोलन में भागीदारी से लेकर अपने संगठन दलित आदिवासी मंच की स्थापना तक की यात्रा और अनुभवों को साझा कर रही हैं।
October 7, 2025
पोषण और स्वास्थ्य की सरकारी नीतियों से बहुत दूर है जमीनी हकीकत 
पोषण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसा दृष्टिकोण चाहिए जो समुदाय की पोषण संबंधी जरूरतों और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति तंत्र की दक्षता के बीच संतुलन कायम कर सके।
रंजन कांति पांडा | 8 मिनट लंबा लेख
September 4, 2025
स्टूडियो और गांव के बीच: एक सामुदायिक आरजे का दिन
इस वीडियो में दिखेगा कि कैसे एक सामुदायिक आरजे स्क्रिप्ट, रिकॉर्डिंग और गांव के बीच अपने दिन को बांटती हैं। यह कहानी सामुदायिक रेडियो कार्यकर्ता के काम को समझने की कोशिश है।
सुनीता मिश्रा | 2 मिनट लंबा लेख
July 28, 2025
घरेलू हिंसा अधिनियम: न्याय के लिए बेहतर अमल की जरूरत
घरेलू हिंसा कानून ने कई महिलाओं को न्याय दिलाने में सहायता की है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता आज भी चुनौतियों से घिरी हुई है।
निखत शेख, रेशमा जगताप | 7 मिनट लंबा लेख
June 16, 2025
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ लामबंद होती घरेलू कामगार महिलायें 
​एनसीआर में घरेलू कामगार महिलायें सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए सरकार और नियोक्ताओं पर ठोस कदम उठाने का दबाव बना रही हैं।​
April 30, 2025
बुंदेलखंड की चप्पल प्रथा: स्वाभिमान की कीमत पर सम्मान
बुंदेलखंड इलाके के ललितपुर जिले में आज भी चप्पल प्रथा कायम है जो दलित समुदाय खासकर, महिलाओं के लिए अपमान और असुविधा का कारण बन रहा है।
खबर लहरिया | 2 मिनट लंबा लेख
March 10, 2025
घुमंतू और विमुक्त जनजाति के युवाओं के लिए सामाजिक न्याय
एनटी-डीएनटी एक्टिविस्ट और अनुभूति संस्था की संस्थापक, दीपा पवार से सुनिए कि सामाजिक न्याय के व्यावहारिक प्रयास कैसे होने चाहिए।
January 17, 2025
लड़कियां क्या कुछ नहीं कर सकती हैं लेकिन…
स्कूल से लेकर नौकरी तक और नौकरी से लेकर चांद तक, महिलाएं हर जगह पहुंच सकती हैं लेकिन वहां से लौटने के बाद उन्हें कुछ तय काम करने ही हैं।
अंजलि मिश्रा | 2 मिनट लंबा लेख
January 16, 2025
महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी बाधा बनने वाला पितृसत्तात्मक समझौता क्या है?
कई बार महिलाएं उनके दमन के कारकों के खिलाफ खड़े होने की बजाय उन्हें मज़बूत करने लगती हैं जो उन्हें केवल अस्थाई लाभ दे सकते हैं।
आशिका शिवांगी सिंह | 7 मिनट लंबा लेख
December 16, 2024
विकलांगता और लैंगिक भेदभाव से लड़कर मैं अपने लोगों की मदद कर रही हूं
बाड़मेर, राजस्थान की एक कार्यकर्ता के जीवन के एक दिन का हाल जिसमें वे मानव अधिकारों से जुड़े अपने निजी और सार्वजनिक संघर्षों पर बात कर रही हैं।
पप्पू कंवर | 6 मिनट लंबा लेख
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