पिछड़े समुदाय
थियेटर ऑफ द ऑप्रेस्ड: वंचितों का रंगमंच जिसमें हम सब कलाकार हैं
कैसे समाजसेवी संस्थाएं, थियेटर ऑफ द ऑप्रेस्ड का इस्तेमाल कर शिक्षा, समाज और पर्यावरण से जुड़े तमाम मुद्दों पर एक नई तरह से संवाद विकसित कर सकती हैं।फूलों का गांव: महाराष्ट्र का एक गांव जो गन्ना छोड़कर गेंदा उगाता है
सतारा, महाराष्ट्र के निकमवाड़ी गांव में जहां तक नजर जाए, वहां तक फूलों के रंगबिरंगे खेत फैले दिखते हैं।क्यों सामाजिक संस्थाओं को लोकल और ग्लोबल स्तर पर साथ काम करना चाहिए
आने वाले समय में सामाजिक संस्थाओं की प्रासंगिकता इस बात से भी तय होगी कि छोटे स्तर पर किए जा रहे उनके प्रयास वैश्विक तस्वीर का हिस्सा किस तरह से बन रहे हैं।घुमंतू और विमुक्त जनजातियों के मानसिक न्याय के लिए मानसिक स्वास्थ्य ज़रूरी है
घुमंतू और विमुक्त जनजातियां भेदभाव, अन्याय और विकास योजनाओं के अभाव का सामना करती हैं। इन समुदायों के मानसिक स्वास्थ्य को इनके संघर्ष से अलग करके नहीं देखा जा सकता है।भारत और अफ़्रीका में कैसे समाजसेवी संगठन समुदाय संचालित परिवर्तन को बढ़ावा दे रहे हैं
वैश्विक समाजसेवी संस्था, ब्रिजस्पैन द्वारा जारी एक रिपोर्ट का सारांश जिसमें समुदाय संचालित परिवर्तन (कम्युनिटी ड्रिवेन चेंज) के कुछ सफल उदाहरणों पर बात की गई है।