सरकार और समर्थन
बजट 2025: सामाजिक क्षेत्र के लिए सरकार की 4 नई प्राथमिकताएं
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक क्षेत्र पर खर्च कम कर दिया है, जो देश की नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाती है।प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित भविष्य की राह एक सुविचारित नीति से ही निकलेगी
कोविड महामारी के दौरान ही पता चल गया था कि प्रवासी श्रमिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए नीतियां, प्रक्रियाएं और प्रणालियां तत्काल तय किए जाने की ज़रूरत है।समाजसेवी संस्थाओं को सरकार के साथ जुड़कर काम क्यों करना चाहिए?
सरकार के साथ जुड़कर काम करने की चाह रखने वाली, समाजसेवी संस्थाओं के लिए पहले सरकार की विशेषता को भी अच्छे से समझना जरूरी है।हमारे संविधान में क्या-क्या लिखा है?
वी, द पीपल अभियान के इस वीडियो से जानिए भारतीय संविधान की संरचना और उसके अलग-अलग भागों के बारे में।मक्कला ग्राम सभा: सक्रिय नागरिक समाज बनाने के लिए स्थानीय शासन में बच्चों की भागीदारी
कर्नाटक की 'मक्कला ग्राम सभाएं' बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यहां चर्चा की गई है कि इसे और प्रभावी तरीक़े से कैसे कर सकते हैं।यह बजट पर्यावरण के लिहाज से कितना अनुकूल है?
बजट में पर्यावरण को लेकर तो काफी बातें की गई हैं लेकिन देखने वाली बात यह रहगी कि इन्हें वास्तव में किस तरह से अमल में लाया जायेगा।ग्रामीण राजस्थान को मनरेगा की ज़रूरत क्यों है?
श्रमिक, यूनियन और नागरिक संगठन बता रहे हैं कि सीमित बजट, कम मज़दूरी और भ्रष्टाचार के बाद भी मनरेगा स्थानीय विकास और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका कैसे निभाता है।भारतीय संविधान के बनने की शुरुआत कैसे हुई?
नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया के इस पॉडकास्ट में सुनें भारतीय संविधान सभा के बनने, उसके सदस्यों के चुने जाने और उस दौर की परिस्थितियों के बारे में।घुमंतू जनजातियां शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित क्यों हैं?
सामाजिक कल्याण योजनाएं बनाते हुए अक्सर खानाबदोश और अधिसूचित जनजातियों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है जिसे बदले जाने की ज़रूरत है।भारत में हीट एक्शन प्लान कितने प्रभावी हैं?
जलवायु परिवर्तन से हीटवेव में हो रही बढ़ोत्तरी के लिए ज़रूरी है कि सरकार राष्ट्रीय स्तर की नीतियों में इससे निपटने के उपाय शामिल करे ताकि अर्थव्यवस्था और जनजीवन दोनों पर इससे पड़ने वाले असर को कम किया जा सके।