विकलांगता
क्या भारत की स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था सच में सभी की रक्षा करती है?
स्वास्थ्य बीमा का उद्देश्य बीमारी के समय आर्थिक बोझ को कम करना है। लेकिन बड़ी संख्या में विकलांग व्यक्तियों के लिए बीमा तक पहुंच अब भी चुनौतीपूर्ण है।एक समावेशी स्कूल कैसा होना चाहिए?
विकलांगता से प्रभावित बच्चों के लिए अलग-थलग समाधान की नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है ताकि समावेशन संभव हो सके।बराबरी की राह देखता बधिर समुदाय
यह अधिकारों के लिए सक्रिय युवा कार्यकर्ता परमीत के जीवन, उनके काम और उनसे जुड़ी चुनौतियों की झलक प्रस्तुत करता है।विकलांगता पर संवेदनशील पत्रकारिता: एक मार्गदर्शिका
विकलांगता के विषय पर होने वाली रिपोर्टिंग की भाषा में संवेदनशीलता की जरूरत है।स्वास्थ्य और विकलांगता पर काम कर सशक्त होती पंचायतें
स्वास्थ्य क्षेत्र और विकलांगजन हित में काम करने से ग्राम पंचायतें प्रभावी और संवेदनशील बनती है, जिससे उनका सशक्तिकरण होता है।भारतीय राजनीति में विकलांग प्रतिनिधित्व की कठिन राह
विकलांग जनों को व्यवस्थागत पूर्वाग्रहों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को असंभव न सही, लेकिन बहुत मुश्किल जरूर बना देता है।विकलांग जन के लिए प्रोग्राम बनाते समय क्या ध्यान में रखना चाहिए?
विकलांग-जनों के लिए कार्यक्रम डिजाइन करते हुए समुदाय की जरूरतों को पहचानना और उनके अनुसार काम करना, प्रभावी नतीजे देने वाला हो सकता है।भारत के विकलांगता कानून की एक झलक
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 विकलांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा और रोजगार से लेकर स्वास्थ्य तक के अधिकार देता है।ई-मित्र अपनी ज़िम्मेदारियां ठीक से निभाकर लोगों को सशक्त बना सकते हैं
राजस्थान के एक ई-मित्र कार्यकर्ता के जीवन का एक दिन कैसे बीतता है जब वह डिजिटल माध्यमों से सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी देकर लोगों की मदद करता है।